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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संगठन के आहवान कार्य बहिष्कार शुरू

 हरिद्वार। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संगठन ने दो सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। हलांकि कार्य बहिष्कार के पहले दिन संगठन में असमंजस की स्थिति बनी रही। सुबह सभी जिला अस्पताल, मेला अस्पताल में काम करते दिखे। लेकिन 12 बजे से संगठन से जुड़े स्वास्थ्य कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। एनएचएम के तहत हरिद्वार जिले के स्वास्थ्य विभाग में करीब पांच सौ संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारी अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले लंबे समय से आंदोलनरत हैं। आठ नवंबर को अपनी मांगों को लेकर राज्य के सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारियों ने सचिवालय कूच किया था। एनएचएम कर्मचारियों की दो प्रमुख मांगों में एनएचएम कर्मियों को हरियाणा की तर्ज पर ग्रेड वेतनमान का लाभ के साथ आसाम राज्य की भांति 60 वर्ष तक की सेवा का लाभ की मांग है। जबकि दूसरी मांग में एनएचएम में आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जा रही नियुक्ति प्रक्रिया को समाप्त करने की मांग की है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. मनवीर ने बताया कि अपनी दो सूत्रीय मांग को लेकर तीन दिन तक कार्य बहिष्कार पर रहेंगे। लेकिन यदि तीन दिन में मांगों पर कोई सकारात्मक पहल सरकार की ओर से नहीं होती है तो 10 दिसम्बर से अनिश्चितकालीन कार्य बहष्किार शुरू हो जाएगी। जिसमें आकस्मिक सेवाओं पर कार्यरत कर्मचारी भी शामिल हो जाएंगे। सोमवार को एनएचएम कर्मचारियों ने फिर से अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान कर दिया था। लेकिन एनएचएम कर्मियों के कार्य बहिष्कार के पहले दिन कर्मचारी असमंजस की स्थिति में रहे। जिसके चलते मेला अस्पताल और जिला अस्पताल में तैनात एनएचएम कर्मी करीब साढ़े ग्यारह बजे तक काम पर मौजूद रहे। करीब पौने बारह बजे से जिला अस्पताल, मेला अस्पताल, ब्लड बैंक, महिला चिकित्सालय और टीबी क्लीनिक में तैनात राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जिला वर्णिक चैधरी, अवनीश कुमार, चेतन सैनी, अनिल नेगी, ब्रजेश कुमार, अवधेश कुमार, मोहम्मद सलीम, सरोज सिंह, रविंद्र भंडारी, नवीन बिन्जोला, प्रिंयका नेगी, रजनी चैधरी, अकलीम अंसारी, कमल पांडेय, धंनजय सोनी, ज्योति, अश्वनी, अजित, आभा, तृष्णा, प्रकाश जोशी, दीपक मौजूद रहे।


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