Skip to main content

विजय संकल्प यात्रा हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा में पहुचने पर किया भव्य स्वागत

 हरिद्वार। गत दिवस हरिद्वार से भाजपा की विजय संकल्प यात्रा हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के गांव मिस्सरपुर पहुंची, जहां युवा मोर्चा के मण्डल अध्यक्ष अमित चैहान के नेतृत्व में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यात्रा में शामिल स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। पूर्व सांसद बलराज पासी गाड़ी से ही कार्यकर्ताओं में जोश भरते नजर आए और सरकार की उपलब्धियों को गिनाते रहे। रविवार को भाजपा की विजय संकल्प यात्रा जगजीतपुर के सतीकुंड से शुरू हुई। यात्रा का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत, पूर्व सांसद बलराज पासी और रानीपुर विधायक आदेश चैहान और जिलाध्यक्ष डॉ.जयपाल चैहान ने भगवा रंग के गुब्बारों को उड़ाकर किया। विजय संकल्प यात्रा हरिद्वार से ग्रामीण विधानसभा के गांव मिस्सरपुर पहुंची जहां युवा मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने यात्रा में शामिल पद मंत्री धन सिंह रावत, जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह, पूर्व संसद बलराज पासी का ढोल नगाड़ों और फूलमालाओं से स्वागत किया। स्वागत के बाद यात्रा आगे बढ़ी। यात्रा मिस्सरपुर से पंजनहेड़ी, कटारपुर, फेरुपुर, धनपुरा, पदार्था, शाहपुर, रानीमाजरा, बादशाहपुर होते हुये सुल्तानपुर पहुंची। यात्रा का जगह जगह भव्य स्वागत किया गया। यात्रा में कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानन्द नहीं पहुंचे। बताया जा रहा है कि वह किसी जरूरी कार्य से बाहर थे। इस दौरान अमित उर्फ सोनू, विवेक चैहान, सुधीर चैहान, अमित सैनी, अंकित चैहान, दिलीप राणा, शेष राज सैनी, पवन सरदार, भगवान सिंह सरदार, रोहतास सरदार, महावीर पूर्व प्रधान, करण सरदार, चंद किरण, चरण सिंह चैहान, धर्मेंद्र मास्टर चैहान, विकास पूर्व प्रधान, नरेश कुमार, प्रमिल, संदीप चैहान, शुभम सैनी, कंवरपाल, चमन लाल, नरेश, महक सिंह, सत कुमार चैधरी, सुनील जायसवाल, श्रवण चैहान, कुलदीप, तेलू राम, नरेश भगत, राजेश सैनी, मनोज चैहान, मिथिलेश शर्मा, उषा राठौर, कविता यादव, शालिनी यादव, शर्मिला, बागबाड़ी, सुचित्रा, रजनी, पंतत्रिफला, आदेश कुमार, हुकम सिंह सैनी, राकेश सैनी, पूर्व प्रधान रामपाल, श्याम सुंदर आदि उपस्थित रहे।


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक