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धर्म संसद में हेट स्पीच नहीं की, बल्कि राम राज्य की मांग उठाई जा रही थी-श्रीमहंत रविन्द्रपुरी


 हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं मंशा देवी मन्दिर ट्रस्ट के प्रमुख श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने हरिद्वार में हुई धर्म संसद को सही ठहराया है। उनका कहना है कि हर व्यक्ति स्वतंत्र है कि वह अपनी बात को रख सकता है। हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद में किसी तरह का विवादित बयान नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा कि धर्म संसद में कोई हेट स्पीच नहीं थी। हर हिंदू व्यक्ति चाहता है कि राम राज्य बने। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के प्रति इस्तेमाल की गई भाषा उचित नहीं है। यह बहुत ही निंदनीय है। यह बात उन्होंने मां मनसा देवी मंदिर में सालाना विशेष पूजा-अर्चना के बाद कही। मंदिर में पूजा-अर्चना कर विश्व कल्याण और कोरोना से मुक्ति की कामना की गई। पूजा के बाद श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने श्रद्धालुओं को मास्क एवं सेनेटाइजर वितरण करते हुए गाइडलाइन का पालन करने की अपील की। मंदिर परिसर में पत्रकारों से बातचीत में अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने कहा कि धर्म संसद में हेट स्पीच नहीं की गई, बल्कि राम राज्य की मांग उठाई जा रही थी। भारत में रहने वाला हर हिंदू व्यक्ति चाहता है कि राम राज्य की स्थापना हो, मथुरा और काशी बने। उन्होंने कहा कि गांधी के प्रति गलत भाषा का प्रयोग अनुचित है। हम पहले भी इसकी निंदा कर चुके हैं। इस तरह की भाषा निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सरकार धर्म एवं संस्कृति का समर्थन करती हैं। इसलिए संत समाज भी सरकार को मानता है। जब धर्म और संस्कृति ही नहीं बचेगी तो कुछ भी नहीं बचेगा। मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी अनिल शर्मा ने कहा कि मंदिर में आने वाले समस्त श्रद्धालुओं को मास्क व सेनेटाइजर का वितरण करने के साथ ही गाइडलाइन का पालन करने की अपील की जा रही है। मंदिर में भी कोरोना गाइडलाइन के तहत पूजा-अर्चना की जा रही है। कोरोना के प्रति सावधानी बरतना बहुत आवश्यक है। इस अवसर पर ट्रस्टी बिंदु गिरी, सुरेश तिवारी, मोहन पांडे, सचिन अग्रवाल, धीरज गिरी, महेश गिरी आदि उपस्थित थे।


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