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ब्रह्मऋषि समाज को राजनैतिक रूप से भी जागरूक होने की जरूरत -केसी त्यागी


 हरिद्वार। अखिल भारतीय ब्रह्मऋषि महासंघ के दो दिवसीय अधिवेशन का रविवार को समापन हो गया। बिहार के राज्यसभा सांसद ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि यदि इस संगठन को मजबूत किया जाता है तो कौन शासन करेगा और क्या नीतियां बगेंगी यह हम तय कर सकेंगे। महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि बड़े स्तर पर सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है। रविवार को प्रेमनगर आश्रम में कार्यक्रम की शुरुआत दंडीस्वामी अन्नतानंद एवं मायाप्रकाश त्यागी ने की। अधिवेशन में पहुंचे बिहार के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि उत्तरांखड, यूपी और बिहार में यदि ब्रह्मऋषि समाज एकजुट होकर रहे तो तीनों राज्यों में समाज की इतनी राजनीतिक सामर्थ्य है कि कोई हमारी उपेक्षा नहीं कर सकता। उन्होंने बिहार में भी इस प्रकार के सम्मेलन करने की मांग भी रखी। महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण त्यागी ने कहा कि महासंघ का पहला अधिवेशन भी 1993 में हरिद्वार में हुआ था। 31वां अधिवेशन भी हरिद्वार में हो रहा है। उन्होंने कहा महासंघ अपने सदस्यता अभियान को गति प्रदान कर रहा है। अधिवेशन में मौजूद आचार्य प्रमोद कृष्णन ने कहा कि एक मजबूत समाज बनाना है तो नशाखोरी जैसे ऐब से समाज के युवाओं को दूर रखना होगा। पूर्व सांसद केसी त्यागी ने कहा कि ब्रह्मऋषि समाज को राजनैतिक रूप से भी जागरूक होने की जरूरत है। साथ ही समाज के लोगों को एकजुट होने की बात भी उन्होंने कही। कार्यक्रम का संचालन महासंघ की राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. उदिता त्यागी ने किया। अधिवेशन में राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष सुनील त्यागी, सुशील त्यागी, युवा अखिल भारतीय ब्रह्मऋषि महासंघ राष्ट्रीय अध्यक्ष गगन त्यागी, युवा अखिल भारतीय ब्रह्मऋषि महासंघ प्रदेश अध्यक्ष नितिन त्यागी, अमरीश त्यागी, देवदत्त त्यागी, डॉ. गजेंद्र त्यागी, हाकिम सिंह त्यागी, राजीव छिब्बर, सन्नी त्यागी, अनुज त्यागी आदि उपस्थित रहे।


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