Skip to main content

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस लहराएगी जीत का परचम-महंत शिवानंद

 हरिद्वार। युवा भारत साधु समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत शिवानंद महाराज ने कहा है कि आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी जीत का परचम लहराएगी और भाजपा को करारी शिकस्त झेलनी होगी। भूपतवाला स्थित श्री चेतन ज्योति आश्रम में प्रेस को जारी बयान में महंत शिवानंद महाराज ने कहा कि भाजपा सरकार की रीति नीति पूरी तरह विफल हो चुकी है। डबल इंजन की सरकार हर मोर्चे पर फेल साबित हुई है। बेरोजगारी महंगाई जैसे अहम मुद्दों पर भाजपा सरकार जनता को कुछ नहीं दे पाई है। युवा पहाड़ों से पलायन करने को मजबूर है और भाजपा सरकार मात्र मुख्यमंत्री बदलने तक है सीमित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में सर्व समाज का हित है। देश को आजादी दिलाने से लेकर कांग्रेस पार्टी ने देश का चहुमुखी विकास कर देश को उन्नति की ओर अग्रसर किया। परंतु वर्तमान की मोदी सरकार सरकारी संस्थानों, उद्योगों, रेलवे का निजीकरण कर कुछ पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रही है। जिसे जनता भली-भांति समझ चुकी है और आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा को जिसका करारा जवाब मिलेगा। महंत शिवानंद महाराज ने कहा कि जुमलेबाजी और धार्मिक भावनाओं के आधार पर देश नहीं चलता देश के चैमुखी विकास के लिए सभी वर्गों को समान रूप से साथ लेकर चलना पड़ता है। कोरोना काल में आर्थिक तंगी से ग्रस्त व्यापारी वर्ग पूरी तरह निराश है और बढ़ती महंगाई के कारण व्यापारी, किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी मजबूत रूप से उभर कर आएगी और सभी 5 राज्यों में कांग्रेस की सत्ता स्थापित होगी। मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ कांग्रेस को पूरे देश में भारी जनसमर्थन मिल रहा है और 16 दिसंबर को देहरादून में राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाली कांग्रेस की रैली में लाखों की भीड़ जुटेगी और रैली उत्तराखंड की राजनीति में एक नया इतिहास रचेगा। 


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक