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एसएसपी ने दिए निर्देश नववर्ष पर आयोजनों में करें कोविड नियमों का पालन

 हरिद्वार। एसएसपी ने नववर्ष पर होने वाले आयोजनों के दौरान कोविड के दृष्टिगत सामाजिक दूरी जैसे नियमों का पालन कराने सहित सुरक्षा के लिए कड़े दिशा निर्देश जारी किए हैं। एसएसपी ने कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन कराने सहित रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड, भीड़-भाड़ वाले बाजारों आदि महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थानों पर बम डिस्पोजल व डॉग स्वायड की टीम को साथ लेकर लगातार सघन चेकिंग, तलाशी अभियान चलाने सहित सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतते हुए लगातार गश्त करने तथा अपराध एवं आतंकवादी, साम्प्रदायिक घटनाओं की रोकथाम हेतु सतर्क दृष्टि रखते हुये समुचित पुलिस प्रबन्ध करने, छोटी से छोटी घटना पर तत्काल सघन चैकिंग, तलाशी की कार्यवाही की जाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा बार्डरों  पर सघन चेकिंग अभियान चलाने, सभी बैरियर्स पर समुचित पुलिस बल की तैनाती, होटल, रेस्टोरेन्ट, धर्मशाला, ढाबों आदि में चेकिंग करने के साथ किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के पाये जाने पर विस्तृत पूछताछ करते हुये आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। धार्मिक स्थलों हरकी पैड़ी, दक्ष मंदिर, बीएचईएल, आईआईटी रूडकी, पिरान कलियर, आदि स्थानों पर एसओपी मानक के अनुसार सम्बन्धित संस्थानों के प्रमुखों से समन्वय स्थापित कर समुचित सुरक्षा व्यवस्था करने, होटल बेंकट हाॅल में सीसीटीवी लगाया जाना सुनिश्चित करने, छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर रोक लगाने, नशे में हुड़दंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने,सड़क दुघर्टनाओं पर रोक लगाने के लिए नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निदेश दिए। 


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ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक