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वाल्मिीकि स्वच्छकार संयुक्त मोर्चा ने सरकार पर लगाया वादा खिलाफी का आरोप

सरकार की वादाखिलाफी को लेकर सभी जनपदों में चलाया जायेगा जनजागरण अभियान


 हरिद्वार। उत्तराखंड वाल्मीकि स्वच्छकार संयुक्त मोर्चा ने सरकार पर मांगों को पूरा नहीं करने और वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए पूरे प्रदेश में सफाईकर्मियों के बीच सरकार के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान किया है। गुरूवार को प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उत्तराखंड वाल्मीकि स्वच्छकार संयुक्त मोर्चे के संयोजक सुरेंद्र तेश्वर और राजेंद्र श्रमिक ने बताया कि 14 सूत्रीय मांगों को लेकर संयुक्त मोर्चा ने 20 जुलाई को शहरी विकास मंत्री और 27 जुलाई को प्रदेश के मुख्यमंत्री से वार्ता की थी। वार्ता में अधिकांश मांगों पर सहमति बनने के बाद मुख्यमंत्री व शहरी विकास मंत्री ने जल्द ही शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया था। लेकिन 5 माह बीतने के बाद अभी तक शासनादेश जारी नहीं किया गया। शहरी विकास मंत्री के आदेश पर शहरी विकास निदेशक की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी। पांच महीने से सरकार कर्मचारियों को कोरे आश्वासन देेकर टाल रही है। जिससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। सरकार के रवैये से साफ है कि सरकार सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में संयुक्त मोर्चा प्रदेश के सभी 13 जिलों में सरकार के खिलाफ जन जागरूकता अभियान चलाएगा। ये हैं कर्मचारियेां की प्रमुख मांगे-मृत कैडर में डाले गए पदों को बहाल किया जाए। मृतक आश्रित कोटा बहाल किया जाए। वन टाइम सेटलमेंट के प्रावधान को समाप्त किया जाए। ठेकेदारी प्रथा को समाप्त किया जाए। हेल्थ मैनुअल के अनुसार 10 हजार की आबादी पर 60 कर्मचारियों की तैनाती की जाए। निकायों में वर्षो से कार्यरत संविदा, मौहल्ला स्वच्छता समिति, आउटसोर्स, पथ प्रकाश एवं कार्यशाला में कार्यरत लिपिक, ड्राईवर, अनुचर, मिस्त्री, हेल्पर आदि कर्मचारियों को नियमित किया जाए। बंद पड़ी कर्मचारी बीमा योजना शुरू की जाए। ठंडी गर्म वदी कर्मचारियों को दी जाए। यू हेल्थ कार्ड सुविधा दी जाए। सफाई उपकरण भत्ता दिया जाए। वर्षो से नगर निगम, सरकारी भूमि व मलकानी कमेटी की अनुशंसा पर बनाए गए आवासों में रह रहे कर्मचारियों को मालिकाना हक दिया जाए। सफाई कर्मचारियों के तीन हजार रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की जाए। पत्रकारवार्ता में अशोक तेश्वर, सुनील राजौर, सुनील बेदी, मुकुल, परवीन, अशोक छाछर, इंदर सिंह, सलेक चंद, बंटी चंचल, प्रमोद बिरला, संजय पेवल, गोवर्धन, राजेश खन्ना, सुभाष खैरवाल, कुलदीप कांगड़ा, राजेश खैरवाल, सतीश कुमार, दीपक, राजेश कुमार, कुलदीप आदि सहित बड़ी संख्या में निगम कर्मचारी मौजूद रहे। 


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