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भाकियू ने विभिन्न माॅगों को लेकर राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

 हरिद्वार। डाॅ0 मनोज कुमार सोही- भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने अपनी कई मांगों को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने बीएसएनएल, बीएचईएल, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री, एलआईसी, कोयला खदान और बैंक आदि संस्थानों को निजी हाथों से वापस लिए जाने की मांग की है। किसान नेताओं ने एमएसपी पर तुरंत कानून बनाकर उसे लागू करने की भी मांग की है। भारतीय किसान यूनियन के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चैधरी का कहना है कि कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए जैसे वेतन में बढ़ोतरी की गई है उसी तरह किसानों की फसलों के दाम भी सरकार को तुरंत बढ़ाने चाहिए। सरकार वोट की खातिर सरकारी कर्मचारी को महंगाई की किस्त जारी करती है। जबकि महंगाई की सबसे अधिक मार तो किसानों पर पड़ रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ऊर्जा का प्रदेश है किसानों को खेती करने के लिए 300 यूनिट बिजली फ्री दी जाए। जिससे किसानों को थोड़ी राहत मिल सके। जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार देश की संपत्ति को बेचने का काम कर रही है। जिसे भारतीय किसान यूनियन बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि बढ़ती हुई महंगाई को देखते हुए सरकार गन्ने पर 20 रुपये प्रति कुंतल अनुदान और ट्यूबवेल के लिए बिजली मुफ्त देने का शासनादेश जारी करे। उन्होंने कहा कि किसानों को कार्ड बनाकर 40 लीटर डीजल दिया जाए। जिससे किसानों को खेती करने में कोई समस्या ना हो। ज्ञापन देने वालों में चमनलाल शर्मा, राम पाल सिंह, आदित्य राठी, रवि चैधरी, अजगर अली आदि शामिल रहे।


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