Skip to main content

भेल वर्कर्स यूनियन हिंद मजदूर सभा ने किया भाजपा प्रत्याशी का समर्थन

 


हरिद्वार। भेल वर्कर्स यूनियन हिंदू मजदूर सभा ने सभा का आयोजन कर रानीपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी आदेश चैहान का स्वागत किया। यूनियन के पूर्व अध्यक्ष एवं संस्थापक सदस्य एमपी सिंह एवं अध्यक्ष प्रेमचंद सिमरा के नेतृत्व में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रत्याशी विधायक आदेश चैहान ने कहा कि शिवालिक नगर एवं आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले सेवानिवृत्त भेलकर्मियों को पथ प्रकाश से लेकर घरों की सुरक्षा तक बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उनकी समस्याओं को दूर कर बेहतर व्यवस्थाएं की गयी हैं और साथ ही सबको अपना नंबर देकर उनकी परेशानियों को समाधान कराने का काम किया है। कार्यकर्ताओं के साथ ऐसे सभी लोगों की सहायता करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। जबकि ऐसे में विपक्ष के लोग कहीं दिखाई नहीं दिए। ऐसे नेता केवल चुनाव के समय सामने आते हैं। भेल में यूनियन चला रहे नेता आज चुनाव मैदान में उतरे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही ओल्ड पेंशन की डिमांड पर विचार कर किया। इसके साथ ही सरकार केंद्र व राज्य सरकार के अधीन कर्मचारियों के फिटमेंट फैक्टर में वृद्धि कर रही है। जिससे फिटमेंट फैक्टर बढ़ने के साथ साथ केंद्रीय कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में भी बढ़ोतरी हो जाएगी। सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए भी सरकार ने सेवानिवृत्ति पर मिलने वाला सभी तरह के पेंशन लाभ को बिना देरी किए समय पर देने फैसला लिया है। यह भी सहमति बनी है कि पेंशन मामलों की समीक्षा करने के लिए प्रत्येक कार्यालय व विभाग में एक प्रभावी निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए बाकायदा एक सॉफ्टवेयर भी तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार हो या राज्य की धामी सरकार अपने कर्मचारियों के हितों के लिए सभी प्रकार की लड़ाई व उनके भविष्य की चिंता सिर्फ भाजपा ही करती है। इस अवसर पर महामंत्री पंकज शर्मा, उपाध्यक्ष मनीष सिंह, मंत्री नरेश सिंह, संस्थापक सदस्य वीरेंद्र, मीडिया सचिव आशुतोष शर्मा,कार्यालय मंत्री अशोक शर्मा, राजीव सैनी, गौरव, अनुराग भारद्वाज, नरेश नेगी आदि सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। 


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक