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मेयर कैम्प कार्यालय में खुला कांग्रेस प्रत्याशी का चुनाव कार्यालय

 


हरिद्वार। हरिद्वार विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी सतपाल ब्रह्मचारी का चुनावी कार्यालय कृष्णा नगर स्थित मेयर कैंप कार्यालय में खोला गया। कार्यालय का उद्घाटन मेयर प्रतिनिधि अशोक शर्मा ने किया। इस अवसर पर मेयर अनीता शर्मा ने कहा कि सतपाल ब्रह्मचारी को जनता का समर्थन व आशीर्वाद मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें समर्थन व आशीर्वाद प्रदान कर मेयर निर्वाचित किया। जनता द्वारा निर्वाचित होने के बावजूद उन्हें काम नहीं करने दिया गया। अब फिर जनता को फैसला करना है। मेयर प्रतिनिधि अशोक शर्मा ने कहा कि 20 साल में हरिद्वार का कोई विकास नहीं हुआ। स्कूल, कॉलेज नहीं खोले गए, अस्पताल नहीं बनाए गए। जिससे जनता को भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि इस बार शहर की जनता परिवर्तन का मन बना चुकी है। जनता आशीर्वाद देगी तो शहर का चहुंमुखी विकास करने के साथ आमजन की समस्याओं को दूर किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष प्रदीप चैधरी, मुरली मनोहर, वरुण बालियान, संतोष चैहान, संजय शर्मा, अरविंद शर्मा,नीतू बिष्ट, विमला पांडे,बीना कपूर, धर्मपाल ठेकेदार, सुनील कुमार, गौरव शर्मा, नावेज अंसारी,सुमित भाटिया, हरद्वारी लाल, बृजमोहन बड़थ्वाल, भोला सहगल, हरीश शेरी,रवीश भटीजा, सुमन अग्रवाल,रचित अग्रवाल,अजय मुखिया, जितेंद्र सिंह, राजकुमार ठाकुर, रणवीर शर्मा, जतिन हांडा, ललित सैनी, अभिषेक, हिमांशु बहुगुणा, राजेंद्र भारद्वाज, सागर अरोड़ा, हर्ष सैनी, शिवम सूर्यवंशी, जेपी सिंह, ललिता तनेजा, राजेंद्र सिंह, संदीप कुमार आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे। 


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ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक