Skip to main content

प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से किसानों से किया संवाद


 हरिद्वार। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो काफ्रेंस के माध्यम पी एम-किसान एवं कृषक उत्पादक संघ स्कीम के अन्तर्गत जनपद के किसानों ने वी.सी. कक्ष, कलेक्टेªट से संवाद स्थापित किया। हरिद्वार जिले के नारसन ब्लाक के जस्वीर सिंह ने प्रधानमंत्री को बताया उन्होंने संघ एफ.पी.ओ. (कृषक उत्पादक संघ) के माध्यम से खेती में जैविक तथा फर्टिलाइजर बंद करने हेतु गोबर एवं गौ-मूत्र से बने जीवामृत आॅर्गेनिक बनाया ह,ै जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ावा मिलता है तथा फसल की अच्छी पैदावार होती है, जिससे किसानों तथा आम-जन को अच्छा और स्वास्थ्यवर्धक अनाज प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि एफ.पी.ओ. के गठन के बाद जीवामृत के उपयोग से फसल के उत्पादों की डिमांड बढ़ी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जीवामृत जैविक फार्मर प्रोड्यूसर कपंनी की प्रंशसा की। इस अवसर पर अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि देशभर में 10,000 एफपीओ के गठन के लिए केन्द्रीय क्षेत्र योजना को हरिद्वार जिले में सफलता पूर्वक चालाया जा रहा है। प्रारंभिक चरण के लिए जनपद हरिद्वार के सभी 06 ब्लाॅको को कवर कर लिया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन में सर्वप्रथम सभी देशवासियों को नव वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि वर्ष 2021 में कोरोना वैक्सीन, आयुषमान भारत, अच्छे अस्पताल, डिजीटल इण्डिया को नई ताकत मिली है, जी.एस.टी. क्लेशन में भी पुराने रिकार्ड टूटे हैं। आज हमारा देश अपनी विविधता और विशालता में भी नया कीर्तिमान बना रहा है तथा अपनी संस्कृति को भी गर्व से सशक्त कर रहा है। इस मौके पर पी एम-किसान योजना के तहत 10 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को 20 हजार करोड़ रूपये से अधिक की सम्मान राशि का हस्तांतरण किया गया एवं किसान उत्पाद संगठनों को 14 करोड़ रूपये से अधिक की इक्विटी ग्रांट का हस्तांतरण किया गया जिससे 1.24 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी डाॅ0 सौरभ गहरवार, संयुक्त सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय भारत सरकार लाल मंगलौर, मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी, प्रभारी अधिकारी एन.आई.सी. यशपाल सिंह, जिला प्रबंधक नाबार्ड अखिलेश डबराल, प्रभारी अधिकारी कृषि विज्ञान केन्द्र धनौरी डाॅ0 पुरूषोत्तम कुमार, डी.एम.आई अभय प्रताप सिंह तथा कृषि विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक