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गायत्री साधना में विश्व कल्याण का भाव भी सन्निहित होता है-डाॅ0चिन्मय पण्ड्या

 हरिद्वार। शुक्रवार से शांतिकुंज में वसंतोत्सव कार्यक्रम प्रारंभ हो गया है। इसका शुभारंभ सुबह चार बजे से अखंड जप साधना के साथ हुआ। इस दौरान गायत्री के सिद्ध साधक श्रीराम शर्मा आचार्य के सपनों को साकार करने में जुट जाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर अपने वर्चुअल संदेश में देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि जीवन के महान उद्देश्यों का स्मरण कराने के लिए वसंत पर्व का आगमन होता है। इस दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती की भी पूजा अर्चना की जाती है। जिससे हमारे विचार सदैव ऊर्ध्वगामी बना रहे। उन्होंने कहा कि गायत्री की नियमित उपासना, साधना आराधना से मानव महामानव बनने की ओर अग्रसर होता है। उनका जीवन दिव्य एवं पूर्णता की ओर बढ़ने लगता है। उन्होंने कहा कि गायत्री साधना में विश्व कल्याण का भाव भी सन्निहित होता है। इससे पूर्व वरिष्ठ कार्यकर्त्ता डॉ. ओपी शर्मा ने शांतिकुंज स्थापना की स्वर्ण जयंती वर्ष के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। शांतिकुंज व्यवस्थापक महेन्द्र शर्मा ने बताया कि वसंतोत्सव का मुख्य कार्यक्रम 5 फरवरी को होगा। वसंत पंचमी के अवसर गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या एवं शैलदीदी गायत्री महामंत्र की दीक्षा देंगे तो वहीं विभिन्न संस्कार भी निःशुल्क कराए जाएंगे। वसंतोत्सव का अधिकांश आयोजन वैश्विक महामारी कोरोना से उपजे परिस्थिति के मद्देनजर वर्चुअल हो रहा है।


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अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

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