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मतदान से पूर्व होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा भाजपा ने तय की

 हरिद्वार। भारतीय जनता पार्टी की हरिद्वार, रानीपुर एवं ज्वालापुर विधानसभा चुनाव प्रबंधन की बैठक हुई। निष्काम सेवा ट्रस्ट में हुई बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने मतदान से पूर्व होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की। बताया कि सात फरवरी को महिला मोर्चा की ओर से कमल मेहंदी एवं कमल रंगोली कार्यक्रम किया जाएगा। 10 फरवरी को प्रदेश के सभी बूथों पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता महासंपर्क अभियान चलाएंगे। बैठक में उन्होंने तीनों विधानसभाओं के प्रभारी संयोजक एवं विस्तारक तथा मंडल अध्यक्षों से चुनाव के निमित्त बूथ और अन्य कार्यों की जानकारी ली। कहा कि हमें चुनाव के प्रबंधन को भलीभांति समझकर मतदाता को मतदान केंद्र तक लाना है। सभी कार्यकर्ताओं को आह्वान करते हुए कहा कि हम प्रतिदिन 2 घंटे अपने बूथ पर मतदाताओं से संपर्क कर पार्टी के पक्ष में मतदान करने की अपील करेंगे। साथ ही मतदाताओं को केंद्र व प्रदेश की जनकल्याणकारी योजनाओं से भी अवगत कराएंगे। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री विकास तिवारी ने किया। बैठक में प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार, जिला संगठन प्रभारी खिलेंद्र चैधरी, जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह चैहान, विधानसभा प्रभारी अनिल अरोड़ा, आशुतोष शर्मा, नरेश धीमान, संदीप गोयल, लव शर्मा, आशु चैधरी, सुशील चैहान, बृजेश शर्मा, रीता चमोली, वीरेंद्र तिवारी, राजकुमार अरोड़ा ,मयंक गुप्ता,नागेंद्र राणा, अमरीश शर्मा, आशुतोष चक्रपाणि, प्रमोद शर्मा, तरुण नैयर ,विशाल गर्ग, हीरा सिंह बिष्ट, मनोज वर्मा, आशु चैधरी, अनामिका शर्मा, रजनी वर्मा, मनु रावत, विमला ढौंडियाल, संजय कुमार, कमल प्रधान, विपिन शर्मा आदि शामिल रहे।


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ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक