Skip to main content

भाजपा ने उत्तराखण्ड को मुख्यमंत्री बनाने की फैक्ट्री बना दिया-मोहन प्रकाश


 हरिद्वार। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता तथा उत्तराखंड विधानसभा चुनाव पर्यवेक्षक मोहन प्रकाश ने कहा है कि कांग्रेस ने राज्य में विकास की बुनियाद रखी। लेकिन भाजपा ने इसे मुख्यमंत्री बनाने की फैक्ट्री बना कर रख दिया। परिणाम स्वरूप 21 वर्षों में भी उत्तराखंड अपने पैरों पर नहीं खड़ा हो पाया। लक्सर रोड स्थित बूढ़ी माता स्थित होटल में किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव एवं प्रदेश प्रवक्ता राहुल चैधरी द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय बजट में उत्तराखंड के लिए कोई विशेष प्रावधान न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मोहन प्रकाश ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार के दोनों इंजन फेल हैं। जिन्होंने एक कार्यकाल में तीन मुख्यमंत्री बदलकर यह सिद्ध कर दिया कि भाजपा के पास सत्ता संचालन की सामथ्र्य नहीं है।  राज्य की पहली निर्वाचित सरकार के मुखिया पंडित नारायण दत्त तिवारी द्वारा स्थापित उद्योगों की याद ताजा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की जनता को विकास से जुड़ने के लिए कांग्रेस की सरकार बनानी होगी तभी यह राज्य खुशहाल और आत्मनिर्भर बनेगा। उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री ओमवीर सिंह तोमर ने उत्तराखंड को भारत का मुकुट और सर्वाधिक साधन संपन्न राज्य बताते हुए कहा कि इस राज्य को कांग्रेस ने संवारा था। लेकिन भाजपा ने अपने दो बार के कार्यकाल में इसे लूटने के अलावा कुछ नहीं किया। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से कांग्रेस की विजय के लिए संघर्ष करने का आवाहन करते हुए कहा कि आज पूरे देश की जनता का एक ही उद्देश्य है कि भाजपा को सत्ता से मुक्त किया जाए। कार्यक्रम के आयोजक राहुल चैधरी ने अतिथि एवं साथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि भाजपा से जनता त्रस्त हो चुकी है और पूरे देश में कांग्रेस की लहर है। उन्होंने सभी कांग्रेस प्रत्याशियों को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। इस अवसर पर सादात मसूद, विकास राजपूत, पार्षद उदयवीर सिंह चैहान, समाजसेवी सोनल प्रिंस ,गोविंद सिंह बिष्ट, प्रमोद चैधरी, दिनेश बर्मन, कार्तिक कुमार तथा सिकंदर चैधरी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से अतिथियों का स्वागत किया।


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक