Skip to main content

तीसरे विकल्प के रूप में उत्तराखण्ड में परचम लहराएगी आप⪫ सैनी

 


हरिद्वार। नगर सीट से आप प्रत्याशी संजय सैनी ने हरकी पैड़ी के पास चाय की दुकान में चुनाव कार्यालय का रिबन काटकर उद्घाटन किया और लोगों से आम आदमी पार्टी को वोट देने की अपील की। इस दौरान संजय ने कहा कि अगर वे विधायक चुने गए तो अपनी सैलरी पांच सालों के लिए शिक्षा विभाग के नाम कर देंगे। संजय सैनी ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस की नीतियों से त्रस्त प्रदेश की जनता तीसरे विकल्प की तलाश में हैं और तीसरे विकल्प के रूप में आम आदमी पार्टी उत्तराखंड में परचम लहराएगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी जनता से जो वादे कर रही है, उन्हें पूरा किया जाएगा। आप सरकार लोगों की समस्याओं का निदान करेगी। हरिद्वार और उत्तराखंड का जो समग्र विकास होना चाहिए था। वह नहीं हो पाया है। महंगाई चरम पर है। बेरोजगारी के कारण युवा पलायन को मजबूर हैं। प्रति वर्ष बरसात में शहर में होने वाल जलभराव की समस्या का निदान स्थानीय विधायक बीस वर्ष में भी नहीं कर पाए हैं। पर्यटन हरिद्वार में रोजगार का प्रमुख साधन है। लेकिन पिछली सरकारों की विफलता के कारण पर्यटन लगातार कम होता जा रहा है। सत्ता में आने के बाद आम आदमी पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलेगी और उत्तराखंड का समग्र विकास करेगी। उर्जा प्रदेश होने के बावजूद उत्तराखण्ड के लोगों को बिजली एवं पानी के अधिक दाम चुकाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप की सरकार आने पर मुफ्त बिजली के वादे को पूरा किया जाएगा। हरिद्वार की जनता बदलाव के मूड में है और तीसरे विकल्प के तौर पर आम आदमी पार्टी को जनता का लगातार समर्थन मिल रहा है। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी भारी मतों के साथ सत्ता में आएगी। इस अवसर पर सुनील सैनी, निर्वाण सैनी, अशोक कश्यप, प्रमोद सैनी, राजेश अग्रवाल,राहुल, श्रेय सैनी, गौरव सैनी, सन्नी, अक्षय, शौकत अली, राहुल अग्रवाल,जयपाल सिंह, साहूकार,ब्रजगोपाल, प्रमोद,दुर्गेश अग्रवाल सुनीता, संगीता, संयोगिता आदि आप कर्यकर्ता मौजूद रहे। 


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक