Skip to main content

चुनाव में अवैध शराब,पैसो के लेन-देन पर विशेष निगरानी रखे


 हरिद्वार। विशेष व्यय प्रेक्षक सुश्री मधु महाजन की अध्यक्षता में शनिवार को डाम कोठी में विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2022 के सफल सम्पादनार्थ निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण के सम्बन्ध में एक बैठक आयोजित हुई। बैठक में सुश्री मधु महाजन विशेष व्यय प्रेक्षक ने अवैध शराब की आवाजाही के सम्बन्ध में अधिकारियों से जानकारी ली। इस पर जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय ने बताया कि हरिद्वार जनपद की सीमायें उत्तर प्रदेश के तीन जिलों-मुजफ्फरनगर, बिजनौर तथा सहारनपुर से लगती हैं। इन जिलों सहित सभी क्षेत्रों की विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन जिलों के जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से नियमित रूप से सम्पर्क बना हुआ है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हरिद्वार ग्रामीण आदि क्षेत्रों में, जहां से भी कच्ची शराब या अवैध शराब की बिक्री की सूचना मिलती है, लगातार छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है, जिसकी वजह से काफी मात्रा मे अवैध शराब की जब्ती भी हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 योगेन्द्र सिंह रावत ने बैठक में बताया कि स्थाई चेक पोस्टों के माध्यम से भी लगातार वाहनों की चैकिंग की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रायः देखा गया है कि चुनाव के दौरान अधिकतर कच्ची शराब का इस्तेमाल किया जाता है। इस पर विशेष व्यय प्रेक्षक ने निर्देश दिये कि कच्ची शराब बनाने के जो स्रोत हैं, उस पर कड़ी निगरानी रखते हुये, उस स्रोत तक पहुंचकर, उसे ही खत्म करने की कोशिश की जाये। इसके साथ ही ड्रग्स के आवागमन पर भी कड़ी निगाह रखी जाये। उन्होंने ये भी निर्देश दिये कि जो भी मामले आते हैं, उसकी एफआईआर जरूर दर्ज की जाये। विशेष व्यय प्रेक्षक सुश्री मधु महाजन ने अधिकारियों को ये भी निर्देश दिये कि अति संवेदनशील क्षेत्र, बार्डर वाले इलाके तथा जहां-जहां आवश्यक है, सीसी टीवी से निरन्तर निगरानी रखें। उन्होंने नकदी (कैश) पर भी कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिये। इसके अलावा उन्होंने निर्देशित किया कि जो भी अन्य सामानों का आवागमन होता है, उस पर भी कड़ी निगाह रखी जाये। उन्होंने अधिकारियेां से कहा कि आप सभी आपसी समन्वय स्थापित करते हुये गंभीरता से कार्य करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर व्यय प्रेक्षक-सुनील कुमार अग्रवाल, शिव स्वरूप सिंह, सुश्री प्रतिभा चैधरी, मुख्य कोषाधिकारी सुश्री नीतू भण्डारी, राज्य नोडल अधिकारी व्यय मन मोहन मैनाली सहित सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे। 


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक