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प्रियंका गाॅधी की वर्चुअल रैली को बड़ी संख्या में कांग्रेसियों ने सुना

 हरिद्वार। कांग्रेस महासचिव एवं कांग्रेस के स्टार प्रचारक श्रीमती प्रियंका गाॅधी की वर्चुअल रैली को बड़ी संख्या में कांग्रेसियों ने सैनी आश्रम स्थित कांग्रेस चुनाव कार्यालय में सुना। नगर प्रत्याशी सतपाल ब्रह्मचारी भी समर्थकों के साथ प्रियंका के संबोधन को सुना। इस दौरान बीच-बीच में कार्यकर्ता नारेबाजी करते देखे गए। प्रियंका की वर्चुअल रैली के बाद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी से पूरा देश तस्त्र है। उन्होंने कहा कि पूरा देश बदलाव के मूड में है, इसकी शुरुआत राज्यों में हो रहे चुनाव से होगी। सतपाल ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। बीस साल से भाजपा नगर सीट जीतती आ रही है, लेकिन 19 साल का हिसाब भाजपा के पास नहीं है। चुनाव सामने आते ही भाजपा ने घोषणाएं की झड़ी लगा दी। उन्होने कहा कि जनता बार बार गुमराह होने वाली नहीं है। इस बार बदलाव दिखाई दे रहा है। इस दौरान महानगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, नितिन तेश्वर, अंजू मिश्रा, शशी झा, रवीश भटीजा, अनिल भास्कर, अरविंद शर्मा, मुरली मनोहर, अमन गर्ग, नीरज साहू,राजीव भार्गव, बलराम गिरी, मुकेश त्यागी, सोम त्यागी, विक्की कोरी, दिव्यांश अग्रवाल आदि शामिल रहे। प्रियंका गाॅधी की वर्चुअल रैली को सुनने के लिए हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट के गांव फेरुपुर में भी व्यवस्था की गई थी,जहां कांग्रेस प्रत्याशी अनुपमा रावत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ संबोधन को सुना। इस दौरान अर्जुन ठाकुर, धर्मेंद्र चैहान, विक्रम खरोला, गुलशन अंसारी, हारून प्रधान, ताहिर अली, ठाकुर धर्मेंद्र, अश्वनी पाल, बिजेंद्र चैहान, इरशाद अली, गौतम, सुनील, राहुल, बबलू, नूतन, सुहेल, गुलशेर अली आदि उपस्थित रहे।


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ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक