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नजदीकी मुकाबले में हाजी ने काजी को पछाड़ा

 हरिद्वार। पूर्वानुमानों के उलट मंगलौर की जनता ने एक बार फिर बसपा के हाजी सरवत करीम अंसारी को मौका दिया है। हाजी सरवत करीम अंसारी ने कांग्रेस प्रत्याशी काजी निजामुद्दीन को नजदीकी मुकाबले में 661 वोट से हराया। हाजी सरवत करीम अंसारी को 32286 और काजी निजामुद्दीन को 31625 वोट मिले हैं। यह सीट बसपा का मजबूत गढ़ रही है। उत्तराखंड बनने के बाद मंगलौर विधानसभा सीट अस्तित्व में आ गई थी। 2002 व 2007 के चुनाव में इस सीट से बसपा के टिकट पर काजी निजामुद्दीन ने जीत हासिल की। 2012 के चुनाव में काजी निजामुद्दीन ने पार्टी बदलकर कांग्रेस से चुनाव लड़ा, लेकिन बसपा के हाजी सरवत करीम अंसारी ने उनको करारी शिकस्त दी। इसके बाद 2017 के चुनाव में दोनों एक बार फिर आमने-सामने आए, लेकिन इस बार काजी निजामुद्दीन ने सरवत करीम अंसारी को हरा दिया। इसके बाद हाजी सरवत करीम अंसारी लगातार तैयारियों में जुटे हुए थे। नगर पालिका के चुनाव में उन्होंने अपने समर्थक को जीताकर काजी निजामुद्दीन को चुनौती दी थी। 2022 के चुनाव में हाजी सरवत करीम अंसारी बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े और कांग्रेस के टिकट पर काजी निजामुद्दीन मैदान में उतरे। इस बार राहुल गांधी की रैली भी काजी निजामुद्दीन को चुनावी जीत नहीं दिला पाई। जीत के बाद हाजी सरबत करीम अंसारी ने कहा कि मंगलौर की जनता इस जीत की असली हकदार है। प्रदेश में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मंगलौर की जनता ने उन्हें जिताने का काम किया है। पांच साल के कार्यकाल के दौरान जो विकास कार्य कराए थे और जो अधूरे रह गए थे, उन सभी को इस बार पूरा किया जाएगा।


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ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

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  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक