Skip to main content

पांचवी बार जीत हासिल कर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने रचा इतिहास


 हरिद्वार। हरिद्वार नगर सीट पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने तमाम अटकलो,पूर्वानुमानों को ध्वस्त करते हुए लगातार पांचवी बार जीत हासिल कर इतिहास रच दिया। मदन कौशिक ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के सतपाल ब्रह्मचारी को हराया। हरिद्वार शहर सीट पर कांग्रेस का वनवास खत्म होने का नाम नही ले रहा है। रानीपुर विधानसभा सीट पर भाजपा के आदेश चैहान ने कांग्रेस के राजबीर सिंह चैहान को हराया। हरिद्वार ग्रामीण सीट पर कांग्रेस की अनुपमा रावत ने भाजपा उम्मीदवार कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द को हराया। ज्वालापुर सुरक्षित सीट पर कांग्रेस के रवि बहादुर ने भाजपा के सुरेश राठौर को हराया। रूड़की सीट पर भाजपा के प्रदीप बत्रा ने तीसरी बार जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार यशपाल राणा को हराया। भगवानपुर सीट पर कांग्रेस की ममता राकेश ने लगातार चैथी बार विजय हासिल की। उन्होंने बसपा के सुबोध राकेश को हराया। कलियर सीट पर कांग्रेस के फुरकान अहमद ने लगातार चैथी बार जीत हासिल की। उन्होंने भाजपा के मुनीश सैनी को हराया। मंगलौर सीट पर बसपा के सरबत करीब अंसारी जीते। सरबत करीम अंसारी ने कांग्रेस के काजी निजामुद्दीन को बेहद करीबी मुकाबले में हराया। झबरेड़ा सीट पर कांग्रेस के वीरेंद्र कुमार जीते। वीरेंद्र कुमार ने भाजपा के राजपाल सिंह को हराया। खानपुर में पत्रकार उमेश कुमार ने जीत दर्ज की। निर्दलीय चुनाव लड़े उमेश कुमार ने बसपा के रविन्द्र सिंह पनियाला को हराया। लक्सर में बसपा के मौहम्मद शहजाद ने जीत हासिल की। मौहम्मद शहजाद ने भाजपा के संजय गुप्ता को हराया। 


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक