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‘‘सृष्टि में नारी का महत्व,जीवन के प्रकाश की तरह है‘‘-प्रवीण चंद्र झा

 


हरिद्वार। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बीएचईएल हरिद्वार में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का विषय है “जेंडर इक्वालिटी टुडे फॉर ए सस्टेनेबल टुमारो”। वूमेन इन पब्लिक सेक्टिर (विप्स) के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह का शुभारम्भ भेल हरिद्वार के कार्यपालक निदेशक प्रवीण चंद्र झा तथा चिन्मय डिग्री कॉलेज एजूकेशन सोसाइटी की सदस्य् सुश्री साधना सचदेव ने दीप प्रज्वलन द्वारा किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रवीण चंद्र झा ने कहा कि यदि हम एक सतत एवं सुखद आने वाले कल का निर्माण करना चाहते हैं तो हमें आज से ही लैंगिक समानता की दिशा में और ज्यादा प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि बीएचईएल में भी अनेक महिला अधिकारी उच्च एवं महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर कंपनी की विकास यात्रा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महाप्रबन्धक (मानव संसाधन, चिकित्सा, सीएंडपीआर) नीरज दवे ने कहा कि आज की महिलाएं वर्तमान एवं भविष्य के समाज को समुचित रूप प्रदान कर रही हैं। कार्यक्रम को सुश्री साधना सचदेव ने भी सम्बोधित किया। इससे पहले विप्स की समन्वयक एवं उप महाप्रबंधक श्रीमती अंजल िमित्तल ने सभी महिलाकर्मियों को विप्स प्रतिज्ञा दिलायी तथा संस्था द्वारा आयोजित गतिविधियों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर बीएचईएल की महिला कर्मचारियों द्वारा दिवंगत सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर को सामूहिक गान के द्वारा श्रद्धांजलि दी गई तथा“नृत्य में योग’’कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। साथ ही रामायण एवं महाभारत में महिलाओं की भूमिका को “उद्गारः एक अभिव्य क्ति”शीर्षक के रूप में विडियो क्लिंप के द्वारा प्रदर्शित किया गया। अंतर्राष्ट्री य महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित की गई। स्लोगन एवं पोस्टिर प्रतियोगिताओं के विजेताओं तथा अपने-अपने कार्य क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला कर्मियों को प्रमाण-पत्र देकर समारोह में सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर अनेक महाप्रबंधकगण,कार्यकारी सदस्यं, विप्सा (उत्तणरी क्षेत्र) श्रीमती सास्वरती श्रीवास्तसव सहित विप्स एवं लेडीज क्लाब की सदस्याएं तथा बीएचईएल की महिलाकर्मी आदि उपस्थित थे। धन्यंवाद ज्ञापन सुश्री मंजुला भगत द्वारा एवं कार्यक्रम का संचालन सुश्री रोली भंडारी एवं सुश्री प्रकृति द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र गान के साथ हुआ।


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