Skip to main content

दीपक बाली के प्रदेश अध्यक्ष बनने कार्यकर्ताओं में उत्साह⪫ सैनी

 


हरिद्वार। आम आदमी पार्टी के हरिद्वार विधानसभा पूर्व प्रत्याशी संजय सैनी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष दीपक बाली का फूलमालाएं पहनाकर व गंगाजली भेंटकर स्वागत किया। शनिवार को हरिद्वार आए आप के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष दीपक बाली ने कनखल स्थित एक होटल में स्वागत के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की रीति नीतियों का प्रचार जन-जन तक पहुंचाने में कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की अरविन्द केजरीवाल सरकार के माॅडल को उत्तराखण्ड में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस प्रदेश के हितों में फैसले लेने में सक्षम नहीं है। केंद्र एवं राज्य महंगाई पर किसी भी प्रकार का कोई अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। पेट्रोल, डीजल गैस के दाम लोगों की पहुंच से बाहर हो रहे हैं। खाद्य पदार्थो के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। आसमान छू रही महंगाई व बेरोजगारी के चलते श्रमिक वर्ग हताश व निराश है। संजय सैनी ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष दीपक बाली को कमान सौंपे जाने से कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। निश्चिततौर पर आम आदमी पार्टी पूरे प्रदेश में लोकप्रियता की और अग्रसर होगी। संजय सैनी ने कहा कि आम आदमी पार्टी ही जनता के हितों की आवाज उठा सकती है। मुख्यमंत्री केजरीवाल दिल्ली में चिकित्सा, शिक्षा में बेहतर से बेहतर इंतजाम कर रहे हैं। लेकिन प्रदेश में स्वास्थ्य व शिक्षा का बुरा हाल है। शिक्षा का लगातार बाजारीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी जनता की समस्याओं को लगातार उठाती रहेगी। इस अवसर पर अजय जायसवाल,श्रवण गुप्ता, हेमा भण्डारी, ममता सिंह,एडवोकेट सचिन बेदी, प्रवीण कुमार सिंह,अनिल सती,शिशुपाल सिंह नेगी, डा.ललित,पवन धीमान,किरणपाल,सुरेश तनेजा, मौहम्मद अकरम, शाहीन अशरफ,गुलशन शर्मा,आशीष कुमार,विशाल सैनी,संजय गौतम,विशाल शर्मा,अमन सकलानी,निर्वाण सैनी, विद्यासागर, गुलशन, तनुज शर्मा, ललित बालियान, अशोक, सतेंद्र, रेखा,गीता देवी,रजनी,रोहित कश्यप आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे। 


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक