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जगत की पालन हार है मां भगवती-आचार्य स्वामी कैलाशानंद गिरी

 हरिद्वार। विश्व शांति के लिए श्री दक्षिण काली मंदिर में 14 दिनों से चल रहा विशेष धार्मिक अनुष्ठान शुक्रवार को संपन्न हो गया। इस अवसर पर श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि प्रतिवर्ष नवरात्रों के शुभारंभ पर विश्व कल्याण की कामना को लेेकर 14 दिनों के विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है। स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि नवरात्र पर्व उज्जवलता और जीवंतता का प्रतीक हैं। आम श्रद्धालु भक्तों के लिए नवरात्र नौ दिनों के होते हैं। वहीं संतों व साधकों के लिए नवरात्र पर्व 14 दिनों का होता है। उन्होंने कहा कि देवी भगवती जगत की पालनहार हैं। देवी भगवती की आराधना व पूजन करने से अंतःकरण की शुद्धि होती है। तामसिक और नकारात्मक विचारों का शमन होता है। सकारात्मक विचारों का उदय होता है।जिससे मनुष्य में कल्याणकारी गुणों का विकास होता है। सुख समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। माँ भगवती एक आध्यात्मिक शक्ति के रूप में सभी बुराइयों को नष्ट करती हैं और भक्तों को आशीर्वाद व वरदान प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा ब्रह्मांड की ऊर्जा व दिप्व्य शक्ति का परम स्रोत हैं। मां की आराधना करने से साधक को शक्ति और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस अवसर पर स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी,बाल मुकुंदानंद ब्रह्मचारी,रामसिंह,लाल बाबा,समाजसेवी संजय जैन सहित श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे। 


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