Skip to main content

संत समाज ने दी ब्रह्मलीन स्वामी जगदीशानंद गिरी को श्रद्धांजलि

 हरिद्वार। श्री चेतन गिरी आश्रम के अध्यक्ष एवं श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़े के ब्रह्मलीन महंत स्वामी जगदीशानंद गिरि महाराज का श्रद्धांजलि एवं पट्टाभिषेक समारोह सभी 13 अखाड़ों के संत महापुरुषों के सानिध्य में आयोजित किया गया। आह्वान अखाड़े के श्रीमहंत समुद्र गिरी की महाराज की अध्यक्षता में आयोजित श्रद्धांजलि एवं पट्टाभिषेक समारोह में संत महापुरुषों ने ब्रह्मलीन स्वामी जगदीशानंद गिरी महाराज  भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए एक महान संत बताया एवं उनके स्थान पर महंत बाल गिरी महाराज को तिलक चादर प्रदान कर चेतन गिरी आश्रम का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। अध्यक्षीय पद से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमहंत समुद्र गिरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी जगदीशानंद महाराज ने जीवन पर्यन्त अखाड़े की परंपरांओं का पालन करते हुए सनातन धर्म संस्कृति के उत्थान में अहम योगदान दिया। संत समाज को पूर्ण विश्वास है कि आश्रम के महंत नियुक्त किए गए महंत बाल गिरी महाराज अपने गुरू ब्रह्मलीन महंत स्वामी जगदीशानंद गिरी महाराज की शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए आश्रम की सेवा परंपरांओं को आगे बढ़ाएंगे। बाबा हठयोगी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी जगदीशानंद गिरी महाराज एक महान संत थे। जिन्होंने जीवन पर्यंत सनातन परंपराओं का निर्वहन करते हुए भारतीय संस्कृति के संरक्षण संवर्धन में अपना योगदान प्रदान किया। संत समाज में उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता। श्री महंत विष्णु दास महाराज ने कहा कि संत का जीवन सदैव मानवता को समर्पित रहता है। ब्रह्मलीन स्वामी जगदीशानंद गिरि महाराज ने सादा जीवन व्यतीत करते हुए सभी को मानव सेवा की प्रेरणा दी और गौ गंगा संरक्षण का संदेश दिया। राष्ट्र निर्माण में उनका अतुल्य योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। महंत रघुवीर दास एवं महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी महाराज ने कहा कि संतों का जीवन निर्मल जल के समान होता है और ब्रह्मलीन स्वामी जगदीशानंद गिरि महाराज तो साक्षात त्याग एवं तपस्या की प्रतिमूर्ति थे। हमें आशा है कि उनके अधूरे कार्यों को पूर्ण करते हुए नवनियुक्त महंत बाल गिरी महाराज उनके द्वारा प्रारंभ किए गए सेवा प्रकल्पों में निरंतर बढ़ोतरी करेंगे और धर्म के प्रचार प्रसार में अपना अहम योगदान प्रदान करेंगे। चेतन गिरी आश्रम के नवनियुक्त महंत बाल गिरी महाराज ने कहा कि जो दायित्व उन्हें सन समाज द्वारा सौंपा गया है। उसका वह पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे और जीवन पर्यंत स्वामी जगदीशानंद गिरि महाराज के आदर्शों को अपनाते हुए राष्ट्र उत्थान एवं मानव सेवा के लिए समर्पित रहेंगे। श्रद्धांजलि देने वालों में महंत बिहारी शरण, महंत गोविंद दास, स्वामी गिरिशानंद,महंत दुर्गादास, महंत रघुबीर दास,महंत विष्णुदास,स्वामी चिदविलासानंद, स्वामी नारायणानंद, महंत विजय गिरी,साध्वी जीवन ज्योति मां,महंत सूरजदास, महंत कमलानंद गिरी,महंत राजेंद्रानंद, स्वामी परवानानंद, महंत नारायण गिरी, समाजसेवी सुरेश कुमार, गुरूबचन, ठाकुर मानसिंह आदि शामिल रहे। 


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक