Skip to main content

एसओजी व एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल ने किया होटल में चल रहे सैक्स रैकेट का भंडाफोड़

सैक्स रैकेट सरगना सहित चार काॅलगर्ल व तीन युवक गिरफ्तार


 हरिद्वार। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल और एसओजी की संयुक्त टीम ने हरिद्वार के एक होटल पर छापेमारी कर सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। होटल से सेक्स रैकेट की सरगना के साथ चार कॉल गर्ल और तीन ग्राहकों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कोतवाली ज्वालापुर में देह व्यापार का मुकदमा दर्ज कराया गया है। सेक्स रैकेट का सारा नेटवर्क ऑनलाइन संचालित किया जा रहा था। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल की नोडल अधिकारी रीना राठौर और एसओजी प्रभारी नरेंद्र सिंह बिष्ट ने संयुक्त रूप से बुधवार को गोविंदपुरी क्षेत्र के एक होटल में मुखबिर की सूचना पर छापेमारी की। इस दौरान होटल के कमरों से तीन कॉलगर्ल युवकों के साथ संदिग्ध अवस्था में पाई गई। जिनमें दो पश्चिम बंगाल की बताई जा रही है। ग्राहक के रूप में पकड़े गए तीन लड़के कनखल और ज्वालापुर के बताए जा रहे हैं। एसओजी प्रभारी नरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि हरिद्वार के एक होटल में सेक्स रैकेट का पूरा धंधा दिल्ली निवासी उमा उर्फ पूजा द्वारा संचालित किया जा रहा था। बिजनौर निवासी युवक आकाश देह व्यापार के धंधे में पूजा का सहयोग कर रहा था। पूजा द्वारा होटल छह महीने पहले एक साल के लिए लीज पर लेकर सेक्स रैकेट संचालित किया जा रहा था। ऑनलाइन ग्राहकों से सीधा संपर्क किया जा रहा था। ग्राहकों को एक ही जगह पर तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मोटा पैसा वसूला जा रहा था। सेक्स रैकेट चलाने वाली उमा उर्फ पूजा निवासी दिल्ली दिल्ली सहित कई राज्यों में सक्रिय उमा उर्फ पूजा होटल किराए पर लेकर सैक्स रैकेट चला रही थी। हालांकि जस्ट डायल पर मसाज पार्लर और इससे जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने की बात कही जाती थी। लेकिन इसकी आड़ में जिस्म फरोशी का धंधा चलाया जा रहा था। एसओजी प्रभारी नरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल के साथ छापामरी में गिरफ्तार किए गए सभी लोगों से गहनता से पूछताछ की जा रही है। 


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक