Skip to main content

वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाना मुख्य मकसद -एस0पी0सेमवाल

 जिला हरिद्वार। राजकीय प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन की ओर से आज नवागंतुक शिक्षकों का स्वागत एवं शिक्षकों के हित में कार्य करने पर जिलाशिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा का सम्मान किया गया। प्रेस क्लब हरिद्वार में राजकीय प्राथमिक शिक्षक एसोसिएशन के अभिनन्दन एवं सम्मान कार्यक्रम को बतौर अथिति सम्बोधित करते हुए डीईओ बेसिक एस. पी. सेमवाल ने कहा की कोरोना जैसी महामारी के बाद फिर से सत्र शुरू हुआ है तथा शिक्षक पूर्ण मनोयोग से कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा की 30 सितम्बर तक निपुण भारत अभियान का हिस्सा बनते हुए जनपद हरिद्वार नये आयाम स्थापित करेगा। श्री सेमवाल ने कहा की हमारा मुख्य मकसद हर उस बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा में लाना है जो शिक्षा से वँचित है। उन्होंने जनपद के नावाचारी शिक्षकों एवं उनके द्वारा किये जा रहे शैक्षिक कार्यकलापों की जमकर प्रशंसा की। श्री सेमवाल ने इस अवसर पर कार्यक्रम के लिए एसोसिएशन का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने कहा की एसोसिएशन का गठन ही शैक्षिक उद्देश्यों को लेकर हुआ है जहाँ हर शिक्षक का दायित्व शैक्षिक वातावरण तैयार करना है उन्होंने कहा की श्री सेमवाल ने शिक्षकों की लंबित प्रमोशन सम्बन्धी समस्या का निस्तारण किया है जिसके लिए वह बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा की नये शिक्षक पूर्ण मनोयोग से काम करेंगे ऐसी आशा है। अपने सम्बोधन में डॉ. शिवा अग्रवाल ने कहा की जनपद हरिद्वार में विभिन्न स्कूल ओर शिक्षक बेहतर काम कर रहे हैं हम सभी शैक्षिक सरोकारों के प्रति समर्पित रहने का संकल्प लेते हैं। कार्यक्रम को अंबरीश चैहान,अजय चैहान, गोपाल भट्टाचार्य,अमर क्रांति,प्रमोद आधाना,सरदार कुलदीप सिंह ने भी सम्बोधित किया। इस दौरान डीईओ बेसिक एस.पी.सेमवाल के शाल एवं प्रतीक चिह्न देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिले भर के नवनियुक्त शिक्षकों का भी स्वागत किया गया। एसोसिएशन की ओर से प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्रवण झा एवं महामंत्री अश्विनी अरोड़ा को भी प्रतीक चिह्न प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री दर्शन सिंह पंवार ने किया। इस अवसर पर मनोज सहगल,प्रशासनिक अधिकारी मुकेश शर्मा,संदीप शर्मा,कोषाध्यक्ष राजेश कुमार, तेज प्रकाश,राजीव कुमार,घनश्याम सिंह,विवेक कुमार,मालती उपाध्याय,राखी कुल,नीरज शर्मा सहित विभिन्न लोग उपस्थित रहे।


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक