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मानव अधिकार संरक्षण समिति की नई कार्यकारिणी का गठन

 हरिद्वार। मानव अधिकार संरक्षण समिति, मुख्यालय हरिद्वार के राष्ट्रिय अध्यक्ष ई मधुसूदन अग्रवाल ने जानकारी देते हुये बताया कि नई कार्यकारिणी गठन हेतु वरिष्ठ सदस्यों से विचार-विमर्श के पश्चात पदाधिकारियों का मनोनयन अग्रिम आदेशों तक किया गया है जिसमें विमल कुमार गर्ग को राष्ट्रीय महामंत्री, सुरेश चंद गुप्ता को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष,राजीव राय, लायन एसआर गुप्ता तथा डॉ पंकज कौशिक को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, हेमंत सिंह नेगी को राष्ट्रीय मंत्री मीडिया प्रभारी, कुलभूषण शर्मा को राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री मीडियाप्रभारी, आर०के० गर्ग को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष,अन्नपूर्णा बंधुनी को राष्ट्रिय उपाध्यक्ष महिला विंग,जितेंद्र कुमार शर्मा को राष्ट्रीय मंत्री, डॉ प्रशांत कुमार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वास्थ्य,नानक चंद गोयल गाजियाबाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष,जगदीश बावला देहरादून को प्रांतीय अध्यक्ष उत्तराखंड पश्चिम,अशोक कुमार गुप्ता को प्रांतीय अध्यक्ष मेरठ, डॉक्टर सपना बंसल को राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष,रेखा नेगी को प्रांतीय उपाध्यक्ष उत्तराखंड पश्चिम,नूपुर पाल को नगर अध्यक्ष कनखल,प्रीति जोशी को कनखल नगर उपाध्यक्ष,गौरव जैन को हरिद्वार का प्रभारी, शशि सैनी को नगर अध्यक्ष रुड़की उत्तराखंड,इरा गुप्ता को जिला अध्यक्ष हरिद्वार,नवीन बंसल एडवोकेट को हरिद्वार जिला उपाध्यक्ष, तथा नीलम रावत को देहरादून जिला उपाध्यक्ष अग्रिम आदेशों तक नियुक्त किया मनोनीत किया। उन्होने कहा कि सभी नवनियुक्त दायित्वधारियों से आशा की जा रही है नियमों का पालन करते हुए समिति के विकास कार्यों में अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान कर समिति की प्रतिष्ठा एवं अनुशासन को बरकरार रखें यह मनोनयन विधि मान्य होगा। उन्होने कहा इस संदर्भ में सभी पदाधिकारियों से सहमति ले ली गई है तथा उनकी सहमति के आधार पर ही पदभार प्रदान किया गया है।


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ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक