Skip to main content

प्लास्टिक के गोदाम लगी आग की चपेट मे ट्रक भी स्वाहा,जनहानि नही


 हरिद्वार। कोतवाली रानीपुर क्षेत्रान्गर्त सलेमपुर क्षेत्र स्थित प्लास्टिक का सामान बनाने वाली एक फैक्ट्री के गोदाम में आग लग गयी। प्लास्टिक के सामान से लदा एक ट्रक भी आग की चपेट में आ गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने से हुए नुकसान का आंकलन नहीं हो पाया है। गनीमत रही कि आग फैक्ट्री से स्टे निजी विद्यालय तक नहीं पहुंची वरना बड़ा हादसा हो सकता था। विद्यालय में साढ़े तीन सौ छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं। आग लगने के दौरान सबसे पहले सभी बच्चों को आनन-फानन में बाहर निकाला गया। आग लगने का कारण ट्रक का बिजली की लाइन से टच हो जाना बताया जा रहा है। ट्रक में आग फैक्ट्री से करीब दो सौ मीटर पहले लग गई थी। ट्रक चालक को प्लास्टिक फैक्ट्री के बीच रास्ते में आग बुझाने के लिए पानी भी नहीं मिला। सिडकुल, मायापुर और सीआईएसएफ की कई गाड़ियों से घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग लगने से आसपास के इलाके में अफरातफरी मच गयी। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। सूचना पर पहुंची दमकल विभाग की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने तक लाखों रूपए का सामान जलकर राख हो गया। गुरुवार दोपहर सलेमपुर स्थित एक कंपनी से दूसरी कंपनी में प्लास्टिक का तैयार माल लेकर एक ट्रक निकला था। जैसे ही ट्रक राजकीय प्राथमिक विद्यालय सलेमपुर धोबीघाट पहुंचा तो बिजली की लाइन से टकरा गया। लाइन से निकली चिंगारी से ट्रक में आग लग गई। राहगीरों ने आग लगने की जानकारी दी। ट्रक चालक ने बिना सोचे-समझे ट्रक को कंपनी के गेट पर लगाकर सबमर्सिबल से पानी डालना शुरू कर दिया। इस दौरान कोई चिंगारी फैक्ट्री में रखे प्लास्टिक के तैयार माल में गिर गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। फैक्ट्री में काम कर रहे तीन कामगारों और ट्रक चालक ने भाग कर अपनी जान बचाई। सीएफओ नरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि आग लगने की सूचना पर मौके पर पहुंची दमकल गाड़ियों ने आगू पर काबू पा लिया है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। 


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक