Skip to main content

जिलाधिकारी ने किया बैडमिंटन कोर्ट का लोकापर्ण

 


हरिद्वार। जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय ने शुक्रवार को रोशनाबाद स्टेडियम में जिला योजना वर्ष 2021-22 के अन्तर्गत स्पोर्ट्स स्टेडियम रोशनाबाद, हरिद्वार के बैडमिण्टन हॉल के 16.48 लाख रूपये की लागत से निर्मित एक वुडन कोर्ट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर श्री पाण्डेय ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को विभिन्न खेलों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करना चाहिये। इससे जहां एक ओर स्वस्थ समाज की परिकल्पना साकार होगी, वहीं विभिन्न खेलों में अधिक से अधिक खेल प्रतिभायें सामने आयेंगी, जिससे समाज में खेलों के प्रति एक नया माहौल सृजित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों को खेल की अधिक से अधिक आधारभूत सुविधायें उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने बैडमिण्टन के वुडन कोर्ट का लोकार्पण करने के पश्चात वुडन कोर्ट में बैडमिण्टन के खिलाड़ियों के साथ बैडमिण्टन खेलकर उनका उत्साहवर्द्धन किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 सौरभ गहरवार,अधिशासी अभियन्ता, ग्रामीण निर्माण विभाग रामजी लाल, जिला खेल अधिकारी राजेन्द्र सिंह धामी, अपर सहायक अभियन्ता ग्रामीण निर्माण विभाग प्रदीप सैनी,सहायक अभियन्ता इन्दर सिंह चैहान,उप क्रीड़ा अधिकारी प्रदीप कुमार, हाकी प्रशिक्षक सुश्री शिखा बिष्ट सहित सम्बन्धित अधिकारीगण एवं विभिन्न खेलों से जुड़े खिलाड़ी उपस्थित थे।


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक