Skip to main content

रामानंद इस्टीच्यूट की ओर से जिला कारागार को भिजवाये तीन वाटर कूलर


 हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार में वैसे तो संतो की कमी नहीं है लेकिन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी का जहां नाम आता है, वहां लोगों की राय अलग और सम्मान के तौर पर लेने को देखने को मिलती है। गरीब तबका हो या सामान्य वर्ग हर किसी के रविंद्र पूरी दिन प्रतिदिन खास बनते जा रहे हैं। अपने द्वारा किये जा रहे कार्यो से हमेशा से ही सभी का दिल जीतते रहते है। जहा कोरोनाकाल मे सरकार भी आम जनता की मदद नहीं कर पा रही थी वही महंत रवींद्र पुरी ने अपना बड़ा जल्दी खाते हुए लगातार कई महीने भंडारा को चलाएं आई और लगातार आम जनों की मदद करते रहे। इतना ही नहीं बुधवार को तो उन्होंने हरिद्वार की जिला कारागार में गर्मी से परेशान कैदियों के लिए 3 वाटर कूलर भेंट किए हैं जिसकी मांग काफी समय से जेल अधीक्षक द्वारा विभाग से की जा रही थी। लेकिन श्री महंत रविंद्रपुरी ने बड़ा दिल दिखाते हुए यह काम खुद किया और रामानंद इंस्टीट्यूट की ओर से 3 वाटर कूलर जिला कारागार को भेंट किए। वही वाटर कूलर मिलने के बाद जेल अधीक्षक ने धन्यवाद करते हुए अपना वीडियो संदेश देते हुए कहा कि इन दिनों गर्मी के कारण जेल में बंद कैदियों को उचित ढंग का पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी 3 वाटर कूलर मिलने से जिला कारागार में बंद कैदियों को अब साफ सुथरा का ठंडा पानी पीने को मिलेगा। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्री महंत रविन्द्र पुरी ने कहा कि संतों का जीवन ही औरों के लिए जीना है। हमें जेल अधीक्षक मनोज आर्य द्वारा बताया गया कि जेल में पानी की व्यवस्था सही नहीं है इसी को देखते हुए हमने 3 वाटर कूलर रामानंद इंस्टिट्यूट की तरफ से भेंट किए हैं इस तपती गर्मी में पानी एकमात्र ऐसा सहारा होता है जिससे आदमी राहत पाता है ऐसे में इन 3 वाटर कूलर  से जेल में बंद कैदी आराम से पानी तो पी सकेंगे।


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए

आंदोलनकारियों की शहादत का परिणाम है उत्तराखंड राज्य--डॉ० अंजान

  हरिद्वार। 2 अक्टूबर का दिन पूरे देश में अहिंसा और शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। और उत्तराखंड तो स्वयं शांति, समन्वय, समरसता एवं अहिंसा का द्योतक ही रहा है। उत्तराखंड राज्य के इतिहास के बारे में डॉक्टर हरिनारायण जोशी ने बताया कि आज के ही दिन 2 अक्टूबर 1994 में शांति और अहिंसा का अर्थ ही बदल गया। क्रुरता, हिंसा और अमानवीयता की सारी सीमाएं पार हो गईं। शांति के साथ राज्य प्राप्ति की मांग मनवाने के लिए उत्तराखंड के विभिन्न भागों से अपनी राजधानी दिल्ली जाते हुए निहत्थे आंदोलनकारी थे बस यही कसूर था उनका कि उत्तराखंड राज्य की मांग।और यूपी सरकार की ऐसी व्यवस्था थी कि जिसने सुरक्षा देनी थी, महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी वही भक्षक के रूप में क्रुरतम हिंसा और अमानवियता की पराकाष्ठाओं को हिंसात्मक रूप देने में सम्मिलित हो गये। उस समय सरकार की मानवीयता छलनी हो गई। रामपुर तिराहे के लहराते खेत और वहां की संपूर्ण प्रकृति असहाय महिला और पुरुषों की कराहों के साथ चित्कार कर उठी होगी। लेकिन तथाकथित रक्षकों पर प्रभाव नहीं पड़ा। उनकी संवेदनाएं और मानवतायें भस्म हो गई और वे दैत्य स्वरूप के संवाहक