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आप ने मुख्य शिक्षाधिकारी को सौंपा मांगो से सम्बन्धित ज्ञापन


 हरिद्वार। आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल मुख्य शिक्षा अधिकारी से मिला और शिक्षा का अधिकार अधिनियम में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों की वार्षिक आय में बढ़ोतरी की मांग को लेकर और प्रवेश की अंतिम तिथि को 5 मई से बढ़ाकर 31 मई करने की मांग को लेकर पत्र सौंपा। इस अवसर पर पार्टी की वरिष्ठ नेत्री हेमा भण्डारी ने कहा की शिक्षा का अधिकार अधिनियम गरीब दुर्बल वर्ग के बच्चों के लिए बना था। परंतु इसका प्रत्यक्ष लाभ उन परिवारों के बच्चों को नहीं मिल रहा इसका प्रमुख कारण उत्तराखंड में शिक्षा अधिकार अधिनियम में दुर्बल वर्ग के परिवारों की 12 वर्षों से 55000 रुपये से कम पर ही निर्धारित है जबकि इन 12 वर्षों में सभी सरकारी कर्मचारियों,अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों को दो बार वेतनमान बढ़ने का लाभ मिल चुका है और इन 12 वर्षों में महंगाई दोगुनी हो गयी है परंतु शासन द्वारा आय सीमा को आज तक नही बढ़ाया गया। आप पार्टी समाजिक संस्थाओं को साथ लेकर इस मामले को बड़ी प्रमुखता से उठा रही है। इससे पूर्व भी सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया जा चुका है। आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल मुख्य शिक्षा अधिकारी से भेंटकर समस्याओं से अवगत तथा जल्द से जल्द इसके समाधान की मांग की। आप नेता अनिल सती ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत गरीब दुर्बल परिवारों के बच्चों को विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा का अधिकार प्राप्त है और निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीट आरक्षित है परंतु निजी विद्यालय मात्र 5 प्रतिशत ही प्रवेश दे रहे है जो कि सरासर शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का उलंघन है। इसके अलावा पब्लिक स्कूलों द्वारा अभिभावकों का शोषण कर अनावश्यक मदों में अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है। आप पार्टी मासिक आय 4500 रुपये से बढ़ाकर 9000 रुपये करने और निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत दुर्बल परिवारों के बच्चों को 25 प्रतिशत सीट आरक्षित को सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर मुख्य शिक्षा अधिकारी से मिला और इसके शीघ्र निस्तारण की मांग की। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने पूरे मामले को सुनने के बाद शिक्षा का अधिकार अधिनियम में हो रही अनिमियतायें का शीघ्र निस्तारण की बात कही। इस अवसर पर हेमा भण्डारी, अनिल सती, आशीष गौड़, संजू नारंग, संजय गौतम, विशाल कुमार सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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