Skip to main content

सर्वाधिक प्राचीन एवं उपयोगी है मर्म चिकित्साः डॉ. सुनील जोशी


 हरिद्वार। पुनश्चर्या पाठ्यक्रम के नवें दिन अतिथि विद्वानों द्वारा मर्म चिकित्सा एवं आयुर्वेद चिकित्सा पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता एवं उत्तराखण्ड आयुर्वेद वि.वि. के कुलपति डा.ॅसुनील जोशी का अभिनन्दन पुष्प-गुच्छ प्रदान कर कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रति-कुलपति प्रो. महावीर अग्रवाल सहित वि.वि.के अधिकारियों द्वारा किया गया। संगीत विभाग के आचार्य चन्द्रमोहन एवं सुश्री सिमरन द्वारा अतिथियों के सम्मान में स्वागत गीत की भी प्रस्तुति दी गयी। मर्म विज्ञान एवं मर्म चिकित्सा की वैज्ञानिक व्याख्या करते हुए उन्होंने इस चिकित्सा पद्धति के मूल स्वरूप को केस स्टडी के आधार पर समझाया। इस क्षेत्र में हो रहे नवीन अनुसंधानों से अवगत कराते हुए डॉ.जोशी जी ने इस चिकित्सा पद्धति को उच्च रक्तचाप,मधुमेह,विभिन्न प्रकार के दर्द,तन्त्रिका तन्त्र की समस्याओं से लेकर असाध्य रोगों के उपचार में भी काफी उपयोगी बताया। उन्होंने मर्म विज्ञान को सर्वाधिक प्राचीन हीलिंग पद्धति बताते हुए इसे तत्वरित एवं स्थाई प्रभाव देने वाला कहा। 107 मर्म बिन्दुओं की चर्चा के क्रम में डॉ. जोशी ने मणिबन्ध,कटितरुण,स्थपनी,नाड़ी,हृदय मर्म की प्रयोगात्मक व्याख्या प्रस्तुत की। पुनश्चर्या कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में पतंजलि आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार यादव द्वारा आयुर्वेद की व्याख्या ऋषियों द्वारा प्रदत्त जीवन विज्ञान के रूप में की गयी। अपने सम्बोधन में उन्होंने आयुर्वेद के प्रयोजन, दिनचर्या-रात्रिचर्या-ऋतुचर्या, पुरुषार्थ से लेकर सृष्टि के उत्पत्तिक्रम की उपयोगी व्याख्या की। उन्होंने आयुर्वेद चिकित्सा को स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करने एवं रोगी को निरोगी बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने वाला एक वैज्ञानिक एवं लोकप्रिय पद्धति बताया। आचार्यो में संस्कृत सम्भाषण की कला विकसित करने के उद्दे्श्य से आचार्य गौतम द्वारा संस्कृत कक्षा का आयोजन भी किया गया। पुनश्चर्या पाठ्यक्रम में डॉ.साध्वी देवप्रिया कुलानुशसिका,संकायाध्यक्ष-मानविकी एवं योग विज्ञान संकाय, कुलसचिव डॉ.पुनिया,संकायाध्यक्ष प्रो.कटियार,सह-कुलानुशासकस्वामीपरमार्थदेव,उप-कुलसचिव डॉ.निर्विकार,स्वामी आर्शदेव सहित वि.वि.के विभिन्न संकायों के आचार्य एवं शोध छात्र उपस्थित रहे। सत्रों का संचालन डॉ.संजय सिंह एवं डॉ. निधीष यादव द्वारा किया गया।


Comments

Popular posts from this blog

ऋषिकेश मेयर सहित तीन नेताओं को पार्टी ने थमाया नोटिस

 हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।

धूमधाम से गंगा जी मे प्रवाहित होगा पवित्र जोत,होगा दुग्धाभिषेक -डॉ0नागपाल

 112वॉ मुलतान जोत महोत्सव 7अगस्त को,लाखों श्रद्वालु बनेंगे साक्षी हरिद्वार। समाज मे आपसी भाईचारे और शांति को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ शुरू हुई जोत महोसत्व का सफर पराधीन भारत से शुरू होकर स्वाधीन भारत मे भी जारी है। पाकिस्तान के मुल्तान प्रान्त से 1911 में भक्त रूपचंद जी द्वारा पैदल आकर गंगा में जोत प्रवाहित करने का सिलसिला शुरू हुआ जो आज भी अनवरत 112वे वर्ष में भी जारी है। इस सांस्कृतिक और सामाजिक परम्परा को जारी रखने का कार्य अखिल भारतीय मुल्तान युवा संगठन बखूबी आगे बढ़ा रहे है। संगठन अध्यक्ष डॉ महेन्द्र नागपाल व अन्य पदाधिकारियो ने रविवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से  मुल्तान जोत महोत्सव के संबंध मे वार्ता की। वार्ता के दौरान डॉ नागपाल ने बताया कि 7 अगस्त को धूमधाम से  मुलतान जोट महोत्सव सम्पन्न होगा जिसके हजारों श्रद्धालु गवाह बनेंगे। उन्होंने बताया कि आजादी के 75वी वर्षगांठ पर जोट महोत्सव को तिरंगा यात्रा के साथ जोड़ने का प्रयास होगा। श्रद्धालुओं द्वारा जगह जगह सुन्दर कांड का पाठ, हवन व प्रसाद वितरण होगा। गंगा जी का दुग्धाभिषेक, पूजन के साथ विशेष ज्योति गंगा जी को अर्पित करेगे।

बी0ई0जी0 आर्मी तैराक दलों ने 127 कांवडियों,श्रद्धालुओं को गंगा में डूबने से बचाया

  हरिद्वार। जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय के निर्देशन, अपर जिलाधिकारी पी0एल0शाह के मुख्य संयोजन एवं नोडल अधिकारी डा0 नरेश चौधरी के संयोजन में कांवड़ मेले के दौरान बी0ई0जी0 आर्मी के तैराक दल अपनी मोटरबोटों एवं सभी संसाधनों के साथ कांवडियों की सुरक्षा के लिये गंगा के विभिन्न घाटों पर तैनात होकर मुस्तैदी से हर समय कांवड़ियों को डूबने से बचा रहे हैं। बी0ई0जी0 आर्मी तैराक दल द्वारा कांवड़ मेला अवधि के दौरान 127 शिवभक्त कांवडियों,श्रद्धालुओं को डूबने से बचाया गया। 17 वर्षीय अरूण निवासी जालंधर, 24 वर्षीय मोनू निवासी बागपत, 18 वर्षीय अमन निवासी नई दिल्ली, 20 वर्षीय रमन गिरी निवासी कुरूक्षेत्र, 22 वर्षीय श्याम निवासी सराहनपुर, 23 वर्षीय संतोष निवासी मुरादाबाद, 18 वर्षीय संदीप निवासी रोहतक आदि को विभिन्न घाटों से बी0ई0जी0 आर्मी तैराक दल द्वारा गंगा में डूबने से बचाया गया तथा साथ ही साथ प्राथमिक उपचार देकर उन सभी कांवडियों को चेतावनी दी गयी कि गंगा में सुरक्षित स्थानों में ही स्नान करें। कांवड़ मेला अवधि के दौरान बी0ई0जी0आर्मी तैराक दल एवं रेड क्रास स्वयंसेवकों द्वारा गंगा के पुलों एवं घाटों पर माइकिं