हरिद्वार। श्रीरामलीला संपत्ति कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष गंगाशरण मददगार ने कहा है कि धर्म और संस्कृति ही भारत की पूरे विश्व में अलग पहचान है। भारत की आत्मा तीर्थों में वास करती है तथा तीर्थ स्थलों पर आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों से ही देश और समाज को उचित दिशा मिलती है। वे रामलीला भवन में श्रीरामलीला कमेटी द्वारा आयोजित रामलीला मंचन से पूर्व आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे। नारद मोह एवं इंद्र दरबार से प्रारंभ हो रही रामलीला के सभी द्रश्य एवं प्रसंगों में संस्कार एवं संस्कृति का विशेष ध्यान रखने की हिदायत देते हुए उन्होंने कहा कि तीर्थ नगरी का यह आयोजन मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि समाज को मर्यादित आचरण एवं संस्कारित जीवन जीने की कला का बोध कराने के लिए प्रतिवर्ष आयोजित होता है। अपने जीवन के 9 दशक पूर्ण कर चुके गंगाशरण मददगार ने बताया कि आगामी वर्ष यह रामलीला अपना 100वां वार्षिक उत्सव मनाने की तैयारी कर रही है। जिसके लिए नवीनीकरण की प्रक्रिया इसी वर्ष से प्रारंभ कर दी गई है। श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र चड्ढा ने कहा कि हरिद्वार भारत की अध्यात्मिक राजधानी है और धर्म नगरी के गंगा तट से जो संदेश पूरे देश और विदेशों में जाता है। उस पर धर्मप्रेमी अमल करते हैं और हरिद्वार की यह पहली रामलीला है। जिसमें स्थानीय राम भक्तों के अतिरिक्त पूरे देश से हरिद्वार में आने वाले तीर्थयात्री एवं पर्यटक भी भारतीय संस्कृति के अतीत का दर्शन करते हैं। श्रीरामलीला कमेटी की मंचन से पूर्व आयोजित इस अति महत्वपूर्ण बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील भसीन,महामंत्री महाराज कृष्ण सेठ,मुख्य दिग्दर्शक भगवत शर्मा मुन्ना,संपत्ति कमेटी ट्रस्ट के मंत्री रविकांत अग्रवाल,कोषाध्यक्ष रविंद्र अग्रवाल,मंच संचालक विनय सिंघल, प्रेस प्रवक्ता डा.संदीप कपूर, सहायक दिग्दर्शक साहिल मोदी, ऋषभ मल्होत्रा, विशाल गोस्वामी, अंकित शर्मा, विकास सेठ तथा मनोज वेदी आदि मौजूद रहे।
112वॉ मुलतान जोत महोत्सव 7अगस्त को,लाखों श्रद्वालु बनेंगे साक्षी हरिद्वार। समाज मे आपसी भाईचारे और शांति को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ शुरू हुई जोत महोसत्व का सफर पराधीन भारत से शुरू होकर स्वाधीन भारत मे भी जारी है। पाकिस्तान के मुल्तान प्रान्त से 1911 में भक्त रूपचंद जी द्वारा पैदल आकर गंगा में जोत प्रवाहित करने का सिलसिला शुरू हुआ जो आज भी अनवरत 112वे वर्ष में भी जारी है। इस सांस्कृतिक और सामाजिक परम्परा को जारी रखने का कार्य अखिल भारतीय मुल्तान युवा संगठन बखूबी आगे बढ़ा रहे है। संगठन अध्यक्ष डॉ महेन्द्र नागपाल व अन्य पदाधिकारियो ने रविवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से मुल्तान जोत महोत्सव के संबंध मे वार्ता की। वार्ता के दौरान डॉ नागपाल ने बताया कि 7 अगस्त को धूमधाम से मुलतान जोट महोत्सव सम्पन्न होगा जिसके हजारों श्रद्धालु गवाह बनेंगे। उन्होंने बताया कि आजादी के 75वी वर्षगांठ पर जोट महोत्सव को तिरंगा यात्रा के साथ जोड़ने का प्रयास होगा। श्रद्धालुओं द्वारा जगह जगह सुन्दर कांड का पाठ, हवन व प्रसाद वितरण होगा। गंगा जी का दुग्धाभिषेक, पूजन के साथ विशेष ज्योति गंगा जी को अर्पित करेगे।
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