Skip to main content

संत समाज के सानिध्य में हुआ श्री पंच अग्नि अखाड़े के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण

 नवीन भवन में संतों व श्रद्धालुओं को मिलेगी निवास की सुविधा-श्रीमहंत मुक्तानंद बापू


हरिद्वार। जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने श्री पंच अग्नि अखाड़े के नवनिर्मित भवन का फीता काटकर लोकार्पण किया। हरिपुर कला स्थित श्री पंच अग्नि अखाड़े में सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूषों की मौजदूगी में आयोजित लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति के उत्थान, संरक्षण संवर्द्धन में अखाड़ों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि श्री पंच अग्नि अखाड़े में नए भवन का निर्माण होने से कुंभ, अर्द्धकुंभ मेले व अन्य स्नान पर्वो के दौरान हरिद्वार आने वाले संतों व श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। श्री पंच अग्नि अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत मुक्तानंद बापू महाराज ने कहा कि श्री पंच अग्नि अखाड़ा दशनाम संयासियों का अखाड़ा है। सभी चारों कुंभ तीर्थ व अन्य तीर्थो पर संतों व श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अखाड़े द्वारा निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। जो कि दो वर्ष में पूरे हो जांएगे। हरिद्वार में नवीन भवन का निर्माण पूरा होने पर संत समाज की उपस्थिति में उद्घाटन किया गया। स्वामी मुक्तानंद बापू ने बताया कि सनातन हिंदू वैदिक संस्कृति का प्रचार प्रसार आद्य जगद्गुरू शंकराचार्य द्वारा स्थापित अखाड़ों की परंपरा है। मां गायत्री श्री पंच अग्नि अखाड़े की इष्ट देवी हैं। मां गायत्री के आशीर्वाद से अखाड़े के शिक्षित ब्रह्मचारी संपूर्ण भारतवर्ष में भ्रमण कर हिंदुओं के हृदय में धर्म भावना की स्थापना, धर्म शास्त्रों का प्रचार प्रसार करते हैं। इसके अलावा अखाड़े द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, वृद्धाश्रम, ब्लाइंड स्कूल,गौशालाओं आदि सामाजिक गतिविधियों के संचालन के साथ किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में सदैव समाज का सहयोग करता है। श्री पंच अग्नि अखाड़े के राष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत संपूर्णानंद महाराज ने कहा कि पूज्य ब्रह्मलीन बापू गोपालानंद महाराज के आशीर्वाद तथा अध्यक्ष श्रीमहंत मुक्तानंद महाराज की प्रेरणा से देश विदेश में कई अस्पताल, संस्कृत विद्यालय, वेद विद्यालय छात्रावास, आदि का संचालन किया जा रहा है। इस दौरान श्री अखण्ड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने श्रीमहंत मुक्तानंद बापू को भगवान परशुराम का चित्र व फरसा भेंटकर अभिनंदन किया और अखाड़े के छात्रों ने युद्ध कला का प्रदर्शन किया। महंत साधनानंद, पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी,महंत सत्यव्रतानंद,महंत देवेंद्र तोमर ने कार्यक्रम में शामिल हुए सभी संत महापुरूषों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर अखाड़ा परिषद अध्यक्ष एवं श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज,श्रीमहंत रघुमुनि, श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह,महंत दामोदर दास,महंत जसविन्दर सिंह, महामंडलेश्वर स्वामी अर्जुनपुरी महाराज, स्वामी अच्यूतानंद तीर्थ, मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट एवं अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज,स्वामी विचित्रानंद महाराज,महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती ,महामंडलेश्वर ललितानन्द गिरी,महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद,महंत महेश पुरी,स्वामी ऋषिश्वरानंद,महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश,महंत प्रेमानंद,स्वामी यतिश्वरानंद,महंत विष्णुदास, स्वामी सोमेश्वरानंद, बाबा हठयोगी सहित बड़ी संख्या में संतजन व श्रद्धालु मौजूद रहे। 


Comments

Popular posts from this blog

धूमधाम से गंगा जी मे प्रवाहित होगा पवित्र जोत,होगा दुग्धाभिषेक -डॉ0नागपाल

 112वॉ मुलतान जोत महोत्सव 7अगस्त को,लाखों श्रद्वालु बनेंगे साक्षी हरिद्वार। समाज मे आपसी भाईचारे और शांति को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ शुरू हुई जोत महोसत्व का सफर पराधीन भारत से शुरू होकर स्वाधीन भारत मे भी जारी है। पाकिस्तान के मुल्तान प्रान्त से 1911 में भक्त रूपचंद जी द्वारा पैदल आकर गंगा में जोत प्रवाहित करने का सिलसिला शुरू हुआ जो आज भी अनवरत 112वे वर्ष में भी जारी है। इस सांस्कृतिक और सामाजिक परम्परा को जारी रखने का कार्य अखिल भारतीय मुल्तान युवा संगठन बखूबी आगे बढ़ा रहे है। संगठन अध्यक्ष डॉ महेन्द्र नागपाल व अन्य पदाधिकारियो ने रविवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से  मुल्तान जोत महोत्सव के संबंध मे वार्ता की। वार्ता के दौरान डॉ नागपाल ने बताया कि 7 अगस्त को धूमधाम से  मुलतान जोट महोत्सव सम्पन्न होगा जिसके हजारों श्रद्धालु गवाह बनेंगे। उन्होंने बताया कि आजादी के 75वी वर्षगांठ पर जोट महोत्सव को तिरंगा यात्रा के साथ जोड़ने का प्रयास होगा। श्रद्धालुओं द्वारा जगह जगह सुन्दर कांड का पाठ, हवन व प्रसाद वितरण होगा। गंगा जी का दुग्धाभिषेक, पूजन के साथ विशेष ज्योति गंगा जी को अर्पित करेगे।

बी0ई0जी0 आर्मी तैराक दलों ने 127 कांवडियों,श्रद्धालुओं को गंगा में डूबने से बचाया

  हरिद्वार। जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय के निर्देशन, अपर जिलाधिकारी पी0एल0शाह के मुख्य संयोजन एवं नोडल अधिकारी डा0 नरेश चौधरी के संयोजन में कांवड़ मेले के दौरान बी0ई0जी0 आर्मी के तैराक दल अपनी मोटरबोटों एवं सभी संसाधनों के साथ कांवडियों की सुरक्षा के लिये गंगा के विभिन्न घाटों पर तैनात होकर मुस्तैदी से हर समय कांवड़ियों को डूबने से बचा रहे हैं। बी0ई0जी0 आर्मी तैराक दल द्वारा कांवड़ मेला अवधि के दौरान 127 शिवभक्त कांवडियों,श्रद्धालुओं को डूबने से बचाया गया। 17 वर्षीय अरूण निवासी जालंधर, 24 वर्षीय मोनू निवासी बागपत, 18 वर्षीय अमन निवासी नई दिल्ली, 20 वर्षीय रमन गिरी निवासी कुरूक्षेत्र, 22 वर्षीय श्याम निवासी सराहनपुर, 23 वर्षीय संतोष निवासी मुरादाबाद, 18 वर्षीय संदीप निवासी रोहतक आदि को विभिन्न घाटों से बी0ई0जी0 आर्मी तैराक दल द्वारा गंगा में डूबने से बचाया गया तथा साथ ही साथ प्राथमिक उपचार देकर उन सभी कांवडियों को चेतावनी दी गयी कि गंगा में सुरक्षित स्थानों में ही स्नान करें। कांवड़ मेला अवधि के दौरान बी0ई0जी0आर्मी तैराक दल एवं रेड क्रास स्वयंसेवकों द्वारा गंगा के पुलों एवं घाटों पर माइकिं

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए