Skip to main content

माता अनुसुईया का अवतार थी माता हीरा बेन-श्रीमहंत हरि गिरी

 जूना अखाड़े के संतों ने दी पीएम मोदी की माता हीरा बेन को श्रद्धांजलि 


हरिद्वार। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माता हीरा बेन के आकस्मिक निधन पर श्री पंचदशनाम जूना आवाड़े के नागा सन्यासियों ने भैरव घाट गंगा तट पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जूना अखाड़ के अंतर्राष्ट्रीय सरंक्षक व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि महाराज ने माता हीरा बेन को त्याग, तपस्या ममता व समर्पण की साक्षात प्रतिमूर्ति बनाते हुए कहा कि वह वास्तव में माता अनुसुईया का अवतार थी। जिन्होने कभी भी अपने पुत्रों से कोई अपेक्षा नहीं रखी। जिस प्रकार अभावो में रह कर भी उन्होंने अपने सस्कारों, शिक्षा व जीवट से परिवार का लालन पालन किया। यह उसी की परिणीति है कि देश को नरेन्द्र मोदी जैसे कालजयी प्रधानमंत्री का नेतृत्व मिला है। माता हीरा बेन का जीवन सम्पूर्ण नारी समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरणर है। जिसे प्रत्येक नारी को आत्मसात करना चाहिए। दूधेश्वर पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने श्रदांजलि अर्पित करते हुए कहा कि माता हीरा बेन का जीवन चरित्र हम सब के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। उनका कात्सल्य, त्याग, व संयम एक ममतामयी माँ का श्रेष्ठ रूप है। श्रीमहंत हरिगरि महाराज ने बताया कि माता हीरा बेन की आत्म शांति के लिए पौराणिक सिद्ध पीठ मायादेवी, व श्री आनंद भैरव मंदिर में विशेष पूजा अर्चना तथा शांति यज्ञ का आयोजन किया गया। इसके साथ ही जूना अखाडे की पूरे भारतवर्ष में स्थित सभी मुख्य मंदिरों बड़ा हनुमान घाटा काशी, मौजगिरी मंदिर प्रयागराज, नीलगंगा दातारन अखाड़ा उज्जैन, त्रयम्बकेश्वर नासिक, भावनाथ मंदिर जूनागढ़, वनखंडी नाथ महादेव मंदिर बरेली, खेड़ा मढ़ी पीलीभीत, बागनाथ महादेव मंदिर बागेश्वर आदि में माता हीरा बेन की शांति के लिए विशेष पूजा अर्चना, श्रद्धांजलि सभा व शांतिपाठ का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धांजलि सभा में राष्ट्रीय सभापति महंत प्रेमगिरी,सचिव श्रीमहंत महेश पुरी,थानापति कोठारी महंत महाकाल गिरि, श्रीमहंत पशुपति गिरी, महंत हीरा भारती, महत रतनगिरि, महंत राजगिरि, महंत राजेन्द्र गिरि, महत अमृत पुरी, महंत शिवम गिरि, श्रीमहंत सुरेशानंद सरस्वती आदि मौजूद रहे। 


Comments

Popular posts from this blog

धूमधाम से गंगा जी मे प्रवाहित होगा पवित्र जोत,होगा दुग्धाभिषेक -डॉ0नागपाल

 112वॉ मुलतान जोत महोत्सव 7अगस्त को,लाखों श्रद्वालु बनेंगे साक्षी हरिद्वार। समाज मे आपसी भाईचारे और शांति को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ शुरू हुई जोत महोसत्व का सफर पराधीन भारत से शुरू होकर स्वाधीन भारत मे भी जारी है। पाकिस्तान के मुल्तान प्रान्त से 1911 में भक्त रूपचंद जी द्वारा पैदल आकर गंगा में जोत प्रवाहित करने का सिलसिला शुरू हुआ जो आज भी अनवरत 112वे वर्ष में भी जारी है। इस सांस्कृतिक और सामाजिक परम्परा को जारी रखने का कार्य अखिल भारतीय मुल्तान युवा संगठन बखूबी आगे बढ़ा रहे है। संगठन अध्यक्ष डॉ महेन्द्र नागपाल व अन्य पदाधिकारियो ने रविवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से  मुल्तान जोत महोत्सव के संबंध मे वार्ता की। वार्ता के दौरान डॉ नागपाल ने बताया कि 7 अगस्त को धूमधाम से  मुलतान जोट महोत्सव सम्पन्न होगा जिसके हजारों श्रद्धालु गवाह बनेंगे। उन्होंने बताया कि आजादी के 75वी वर्षगांठ पर जोट महोत्सव को तिरंगा यात्रा के साथ जोड़ने का प्रयास होगा। श्रद्धालुओं द्वारा जगह जगह सुन्दर कांड का पाठ, हवन व प्रसाद वितरण होगा। गंगा जी का दुग्धाभिषेक, पूजन के साथ विशेष ज्योति गंगा जी को अर्पित करेगे।

बी0ई0जी0 आर्मी तैराक दलों ने 127 कांवडियों,श्रद्धालुओं को गंगा में डूबने से बचाया

  हरिद्वार। जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय के निर्देशन, अपर जिलाधिकारी पी0एल0शाह के मुख्य संयोजन एवं नोडल अधिकारी डा0 नरेश चौधरी के संयोजन में कांवड़ मेले के दौरान बी0ई0जी0 आर्मी के तैराक दल अपनी मोटरबोटों एवं सभी संसाधनों के साथ कांवडियों की सुरक्षा के लिये गंगा के विभिन्न घाटों पर तैनात होकर मुस्तैदी से हर समय कांवड़ियों को डूबने से बचा रहे हैं। बी0ई0जी0 आर्मी तैराक दल द्वारा कांवड़ मेला अवधि के दौरान 127 शिवभक्त कांवडियों,श्रद्धालुओं को डूबने से बचाया गया। 17 वर्षीय अरूण निवासी जालंधर, 24 वर्षीय मोनू निवासी बागपत, 18 वर्षीय अमन निवासी नई दिल्ली, 20 वर्षीय रमन गिरी निवासी कुरूक्षेत्र, 22 वर्षीय श्याम निवासी सराहनपुर, 23 वर्षीय संतोष निवासी मुरादाबाद, 18 वर्षीय संदीप निवासी रोहतक आदि को विभिन्न घाटों से बी0ई0जी0 आर्मी तैराक दल द्वारा गंगा में डूबने से बचाया गया तथा साथ ही साथ प्राथमिक उपचार देकर उन सभी कांवडियों को चेतावनी दी गयी कि गंगा में सुरक्षित स्थानों में ही स्नान करें। कांवड़ मेला अवधि के दौरान बी0ई0जी0आर्मी तैराक दल एवं रेड क्रास स्वयंसेवकों द्वारा गंगा के पुलों एवं घाटों पर माइकिं

अयोध्या,मथुरा,वृंदावन मे भी बनेगा महाजन भवन,नरेश महाजन बने उपाध्यक्ष

  हरिद्वार। उतरी हरिद्वार स्थित महाजन भवन मे आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय महाजन शिरोमणि सभा के सदस्यों ने महाजन भवन मे महाजन बिरादरी में से पठानकोट की मुकेरियां विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुने गये विधायक जंगीलाल महाजन का जोरदार स्वागत किया। बताते चले कि जंगी लाल महाजन हरिद्वार महाजन भवन के चेयरमैन, तथा आल इंडिया महाजन शिरोमणी सभा के प्रैसिडेट पद पर भी महाजन बिरादरी की सेवा कर रहें हैं। इस अबसर पर अखिल भारतीय महाजन सभा के चेयरमैन व (पठानकोट) से भाजपा विधायक जंगीलाल महाजन ने कहा कि आल इंडिया महाजन सभा की पद्धति के अनुसार नरेश महाजन जो कि आल इंडिया सभा के सीनियर बाईस चेयरमैन भी है को हरिद्वार महाजन भवन में उपाध्यक्ष तथा हरीश महाजन को महामंत्री निुयुक्त किया। इस अबसर पर जंगी लाल महाजन ने कहा कि हम आशा ये दोनों मिलकर समितिया भी बनायेगे और अन्य सभाओं को जोडकर हरिद्वार महाजन भवन की उन्नति के लिए जो हमारे बुजुर्गों ने जो विरासत हमे दी है उसे आगे बढायेगे। हम चाहते हैं हरिद्वार महाजन भवन की तरह ही मथुरा,बृदांवन तथा अयोध्या मे भी भवन बने। उसके लिए ये दोनों अपना योगदान देगे। इसीलिए