हरिद्वार। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती ही संसार की परम शक्ति हैं। श्रीदक्षिण काली मंदिर में आयोजित शिव साधना के दौरान स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भगवान शिव की महिमा अनंत है। जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।केवल निर्मल भक्ति से ही उन्हे जाना और पाया जा सकता है। काल के प्रवाह से भी परे भगवान शिव ही सभी विद्याओं के जनक हैं। तंत्र मंत्र और योग से समाधि तक प्रत्येक क्षेत्र के आदि और अंत भगवान शिव ही हैं। संगीत के आदि सृजनकर्ता और नटराज के रुप में कलाकारों के आराध्य भी भगवान शिव हैं। वे देवों के भी देव होने के कारण महादेव हैं और काल अर्थात समय से परे होने के कारण महाकाल भी हैं।वे देवताओं,दानवों और मनुष्यों पर समान रूप से कृपा करते हैं।स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि शिव अद्भूत हैं और उनकी साधना भी अद्भूत हैं। विधि विधान के साथ उनकी साधना का साक्षी बनने पर ही व्यक्ति शिव कृपा का अधिकारी बनता है। स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि यूपी के पूर्व मंत्री संगीत सोम ने दक्षिण काली मंदिर पहुंचकर विधि विधान से भगवान शिव का पूजन किया और स्वामी कैलाशानंद गिरी से आशीर्वाद लिया।
हरिद्वार। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती ही संसार की परम शक्ति हैं। श्रीदक्षिण काली मंदिर में आयोजित शिव साधना के दौरान स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भगवान शिव की महिमा अनंत है। जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।केवल निर्मल भक्ति से ही उन्हे जाना और पाया जा सकता है। काल के प्रवाह से भी परे भगवान शिव ही सभी विद्याओं के जनक हैं। तंत्र मंत्र और योग से समाधि तक प्रत्येक क्षेत्र के आदि और अंत भगवान शिव ही हैं। संगीत के आदि सृजनकर्ता और नटराज के रुप में कलाकारों के आराध्य भी भगवान शिव हैं। वे देवों के भी देव होने के कारण महादेव हैं और काल अर्थात समय से परे होने के कारण महाकाल भी हैं।वे देवताओं,दानवों और मनुष्यों पर समान रूप से कृपा करते हैं।स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि शिव अद्भूत हैं और उनकी साधना भी अद्भूत हैं। विधि विधान के साथ उनकी साधना का साक्षी बनने पर ही व्यक्ति शिव कृपा का अधिकारी बनता है। स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि यूपी के पूर्व मंत्री संगीत सोम ने दक्षिण काली मंदिर पहुंचकर विधि विधान से भगवान शिव का पूजन किया और स्वामी कैलाशानंद गिरी से आशीर्वाद लिया।
Comments
Post a Comment