जड़ी-बूटी दिवस सम्पूर्ण मानवता के जीवन को बचाने का एक उपक्रम है- आचार्य बालकृष्ण
हरिद्वार।पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्णजी का जन्मदिवस पतंजलि योगपीठ-2 के योगभवन सभागार में जड़ी-बूटी दिवस के रूप में मनाया गया।जड़ी-बूटी दिवस के अवसर पर स्वामी रामदेव व आचार्य बालकृष्ण ने उपस्थित जनसमूह को स्वस्थ समाज,स्वस्थ राष्ट्र व स्वस्थ विश्व के लिए वृक्षारोपण हेतु संकल्पित कराया। स्वामीजी व आचार्यजी ने स्वयं रक्तदान व वृक्षारोपण कर जनसामान्य को प्रेरित किया।कार्यक्रम में स्वामी रामदेव ने आचार्य जी को जन्मदिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आचार्यजी का जन्मदिवस मनाना तो मात्र एक बहाना है,इसका मुख्य उद्देश्य भारत माता के प्रत्येक घर में ही नहीं सम्पूर्ण धरती माता के आँगन में जड़ी-बूटियाँ शोभायमान हों और सम्पूर्ण मानवता उनसे स्वास्थ्य व सुख पाएँ।उन्होंने कहा कि जड़ी-बूटियाँ प्रकृति-परमेश्वर के अनुग्रह को अनुभव करने का एक माध्यम हैं।उन्होंने कहा कि जड़ी-बूटियाँ मात्र उपचार के लिए ही नहीं अपितु आत्म साक्षात्कार के लिए भी हेतु हैं। स्वामी जी ने कहा कि अपने ऋषियों की विरासत को गौरव के साथ प्रतिष्ठापित करने वाले आचार्यजी इस अखंड-प्रचंड पुरुषार्थ के जीवंत प्रतिमान हैं। पतंजलि आयुर्वेद हॉस्पिटल ,योगग्राम,पतंजलि वेलनेस आदि पतंजलि के विभिन्न सेवा परिसरों में आचार्यजी का बहुत बड़ा तप निहित है।आचार्यजी ने अपना सम्पूर्ण जीवन लोकहित में समर्पित कर दिया है।इनका जीवन एक प्रेरणा है कि हमें अखंड-प्रचंड पुरुषार्थ करते हुए अपने पूर्ण ज्ञान,भक्ति व पुरुषार्थ से प्रत्येक कार्य को भगवान का अराधना मानकर अपने जीवन की आहुति भारत माता ,मानवता,प्रकृति,संस्कृति की सेवा के लिए समर्पित करनी है। कार्यक्रम में आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि जड़ी-बूटियां हमसे नहीं हैं अपितु जड़ी-बूटियों से हम हैं। हमें अपने जीवन की रक्षा करनी है तो जड़ी बूटियों को बचाना जरूरी है।इसलिए पतंजलि का जड़ी-बूटी दिवस सम्पूर्ण मानवता के जीवन को बचाने का एक उपक्रम है,जड़ी बूटियां नही होंगी,पेड़ पौधे नहीं होंगे,तो मानव का जीवन का अस्तित्व भी नहीं रह सकता।आचार्य जी ने कहा कि जन्मदिन तो मात्र बहाना है,जब हम रात्रि विश्राम करके प्रातःकाल उठते हैं तो नूतन ऊर्जा के साथ,नूतन सूर्याेदय के साथ,नवजीवन के साथ हम प्रतिदिन अवतरित होते हैं।उन्होंने सम्पूर्ण देशवासियों से आह्वान किया कि अधिक से अधिक संख्या में जड़ी-बूटियाँ रोपित कर स्वास्थ्य व पर्यावरण की रक्षा करें।कार्यक्रम में आचार्य जी द्वारा रचित 11पुस्तकों का विमोचन किया गया।इस अवसर पर पतंजलि योग समिति के लाखों कार्यकर्ताओं ने जिला,तहसील,ब्लाक व ग्रामस्तर पर घर-घर में निःशुल्क तुलसी,गिलोय एलोवेरा,अश्वगंधा,नीम आदि वितरित तथा रोपित किए। भारत के साथ-साथ नेपाल,यू.के.आदि में औषधियों की उपलब्धता के आधार पौधे वितरित किए गए।पतंजलि रिसर्च फाउण्डेशन के दिशानिर्देशन में रक्तदान,नेत्र परीक्षण एवं दंत परीक्षण शिविर संचालित किए गए।एम्स ऋषिकेश तथा हिमालयन हॉस्पिटल के ब्लड बैंक की टीम ने रक्तदान शिविर लगाया जिसमें लगभग 450यूनिट स्वैच्छिक रक्तदान किया गया।लगभग 588लोगों ने नेत्र जाँच कराई तथा 207लोगों को निःशुल्क चश्मों का वितरण किया गया।साथ ही पतंजलि दंत चिकित्सा एवं अनुसंधान केन्द्र के माध्यम से लगभग 470लोगों की निःशुल्क दंत परीक्षण व चिकित्सा कर निःशुल्क डेंटल किट वितरण की गई। भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के तत्वावधान में नीम,तुलसी,एलोवेरा,लौंग तुलसी,आंवला आदि का निःशुल्क वितरण किया गया। इसके उपरांत पतंजलि विश्वविद्यालय के बृहद् सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें पतंजलि गुरुकुलम,आचार्यकुलम,पतंजलि विश्वविद्यालय,पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज के विद्यार्थियों ने मोहक प्रस्तुतियाँ दीं। सायंकालीन सत्र में नाट्य प्रस्तुति ने उपस्थित गणमान्यों का मनमोह लिया।कार्यक्रम में पतंजलि योगपीठ से सम्बद्ध सभी प्रकल्पों तथा शिक्षण संस्थानों के संन्यासीगण,ईकाई प्रमुख,शिक्षकगण तथा विद्यार्थियों ने आचार्यजी को जन्मदिवस की शुभकामनाएँ प्रेषित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
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