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धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर मुख्य सचिव ने की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक

मंडलायुक्त होंगे नोडल अधिकारी मुख्य सचिव देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय स्थित अपने सभागार में प्रदेश के महत्त्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा,भीड़ प्रबन्धन आदि के सम्बन्ध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने कहा कि हरिद्वार के मनसा देवी में श्रद्धालुओं में हुई भगदड़ जैसी घटनाओं पर काबू पाने के लिए प्रदेश के ऐसे सभी धार्मिक स्थलों,जहाँ महत्त्वपूर्ण दिवसों में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ जैसी घटनाओं की आशंका बनी रही है,को चिन्हित कर उनमें अंशकालिक एवं दीर्घकालिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। मुख्य सचिव ने कहा कि धार्मिक स्थलों के मार्गों में सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त कर मार्गों का चौड़ीकरण कराया जाए।मार्गों से अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार अभियान चलाए जाएं।उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों में भीड़ प्रबंधन के लिए तकनीक का प्रयोग भी किया जाए।कहा कि धार्मिक स्थलों में अत्यधिक भीड़ होने पर मार्गों में श्रद्धाओं को रोके जाने हेतु स्थल तैयार किए जाएँ।मुख्य सचिव ने कहा की प्रत्येक धार्मिक स्थल के लिए रूट और सर्कुलेशन प्लान त...

वेल्हम गर्ल्स स्कूल में साहसी महिलाओं की विरासत को समर्पित नए म्यूज़ियम का उद्घाटन

देहरादून। उत्तराखंड के प्रतिष्ठित आवासीय बालिका विद्यालय वेल्हम गर्ल्स स्कूल ने दशकों से निर्मित समृद्ध इतिहास और गौरवशाली विरासत का सम्मान करते हुए अपने कैंपस में एक नई शुरुआत के रूप में स्कूल म्यूज़ियम का उद्घाटन किया। स्कूल बोर्ड के सदस्यों और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में इस म्यूज़ियम का लोकार्पण हुआ। यह म्यूज़ियम नसरीन भवन में स्थापित किया गया है,जो एक समय में निज़ाम की संपत्ति थी और 1957 में इसी पर स्कूल की स्थापना हुई थी। नसरीन की वास्तुकला नियो-ट्यूडर शैली में है।भारत की स्वतंत्रता के दस वर्ष बाद स्थापित हुआ यह विद्यालय,मिस हर्सिलिया सूज़ी ओलिफ़न्ट और मिस ग्रेस मैरी लिनेल की कल्पना का परिणाम था,जिसे वेल्हम बॉयज़ स्कूल के समकक्ष एक लड़कियों का आवासीय स्कूल बनाना था।उस समय जब लड़कियों की शिक्षा सीमित थी और रिहायशी शिक्षा पुरुष केंद्रित मानी जाती थी,तब इस तरह का संस्थान स्थापित करना साहसिक कदम था। दोनों संस्थापकों ने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया।वेल्हम ने स्वतंत्रता-प्राप्त भारत में महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, यहां तक कि इसके छात्रों ने भारत-च...

मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर लोगों को किया जागरुक

देहरादून। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, देहरादून द्वारा एक विशेष जनजागरूकता अभियान आयोजित किया गया,जिसका उद्देश्य आम जनता को हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी के बारे में जागरूक करना था,जिसमें हेपेटाइटिस के लक्षण, कारण,इलाज और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई। विश्व हेपेटाइटिस दिवस हर वर्ष 28जुलाई को मनाया जाता है,जिसका उद्देश्य हेपेटाइटिस ए,बी,सी,डी और ई जैसी वायरल बीमारियों के बारे में जागरूकता फैलाना है,जो लीवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं और कई मामलों में जानलेवा भी हो सकती हैं। यदि समय पर जांच और उपचार न किया जाए ,तो क्रॉनिक हेपेटाइटिस बी और सी विशेष रूप से सिरोसिस और लिवर कैंसर का सबसे अधिक खतरा पैदा करते हैं।डॉ.मयंक गुप्ता,प्रिंसिपल कंसल्टेंट,गैस्ट्रोएंटरोलॉजी,मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने बताया कि हेपेटाइटिस की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसके शुरुआती लक्षण बहुत सामान्य होते हैं या कई बार नजर ही नहीं आते।लेकिन अगर ध्यान दिया जाए तो थकान,कमजोरी,भूख में कमी,मतली,उल्टी,पेट में दर्द,आंखों और त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया),गाढ़े रंग का पेशाब और हल्के...

शिव, प्रकृति के संरक्षक स्व से समष्टि की यात्रा का आह्वान-वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश। आज सावन मास के तीसरे सोमवार के शुभ अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने सभी शिवभक्तों को शुभकामनायें देते हुये कहा कि आज का दिन प्रकृति और परमात्मा के पवित्र मिलन का है।यह संयोग मात्र नहीं,संकेत है कि हम प्रकृति को केवल संसाधन नहीं,साक्षात् शिव स्वरूप माने।भगवान शिव,संपूर्ण सृष्टि के आधार हैं।वे ही पंचमहाभूतों पृथ्वी,जल,अग्नि,वायु और आकाश के स्वामी हैं।उनके गले में सर्प,जटाओं में गंगा, शरीर पर भस्म,और वाहन नंदी,यह सब प्रतीक हैं कि शिव स्वयं प्रकृति में रमण करते हैं।स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि शिव का स्वरूप स्वयं में पर्यावरणीय स्थिरता का प्रतीक है। उनकी जटाओं में गंगा,जल संरक्षण और प्रवाह का संतुलन,गले का सर्प,जैव विविधता के साथ समरसता,शरीर पर भस्म,उपभोग से संयम का प्रतीक,नंदी,पशुधन और प्रकृति के साथ सामंजस्य और त्रिशूल,चेतना,ऊर्जा और न्याय का त्रय संतुलन है। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि आज जब हम विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस मना रहे हैं तो आइए समझें कि प्रकृति के संरक्षण की शुरुआत बाहर से नहीं,भीतर से होती है।स्व से समष्टि का यही अर्थ है जब हम अ...

भगवान शिव की कृपा से मिलती अटूट साधना की शक्ति-स्वामी कैलाशानंद गिरी

हरिद्वार। श्रीदक्षिण काली मंदिर में पूरे श्रावण चलने वाले साधना में सोमवार को स्वामी कैलाशानंद गिरी ने भगवान शिव का जलाभिषेककर मनसा देवी हादसे के मृतकों को शिवधाम में स्थान देने की प्रार्थना की। स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भगवान शिव और मां काली की कृपा से उन्हें लगातार अटूट साधना करने की शक्ति मिलती है। भक्तों के एक लोटा जल अर्पित करने से ही प्रसन्न हो जाने वाले भगवान शिव अत्यन्त सरल और भोले हैं। इसलिए उन्हें भोलेनाथ कहा जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए अधिक कुछ करने की आवश्यकता नहीं है।सद्मार्ग पर चलते हुए विधिवत भगवान शिव की आराधना करें।जरूरतमंदों की मदद करें,माता पिता की सेवा करें।सद्मार्ग पर चलने वालों पर भगवान शिव हमेशा कृपा करते हैं।स्वामी कैलाशानंद गिरी के शिष्य स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि श्रीदक्षिण काली मंदिर में विधि विधान से आराधना करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। 

बेहद दुखद है मनसा देवी हादसा-स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी

हरिद्वार। मनसा देवी मंदिर में हुई भगदड़ में आठ लोगों की मौत पर संत समाज ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी और मां गंगा से घायलांे के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।जयराम पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि मनसा देवी मंदिर पर हुआ हादसा बेहद दुखद है। हादसे में आठ श्रद्धालुओं की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने से संत समाज दुखी है।उन्होंने कहा कि ऐसी घटना दोबारा ना हो। इसके लिए सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए और श्रद्धालुआंे की सुरक्षा की व्यवस्था करनी चाहिए। महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद सरस्वती,भारत माता मंदिर के महंत महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी,महामंडलेश्वर स्वामी आदियोगी पुरी ने मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हादसा बेहद दुखदायी है।मां गंगा सभी मृतकों को अपने श्रीचरणों में स्थान दे और घायलों को शीघ्र स्वस्थ करे।उन्होंने मनसा देवी घटना के अगले ही दिन यूपी के बाराबंकी में मंदिर में भगदड़ की घटना सामने आयी है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनानी चाहिए। जिससे लगातार हो रही घटनाओं का रोका जा सके। 

उत्तराखंड निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने की मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर को श्राईन बोर्ड के अधीन लाने की मांग

हरिद्वार। उत्तराखंड निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने मनसा देवी मंदिर में भगदड़ में श्रद्धालुओं की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए सरकार से मृतकों के परिजनों और घायलों को दी जाने वाले मुआवजा राशि बढ़ाने तथा मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर का अधिग्रहण कर मां वैष्णो देवी श्राईन बोर्ड की तर्ज पर श्राईन बोर्ड गठित कर दोनों मंदिरों का संचालन करने की मांग की है। मोर्चा के मुख्य संयोजक सुरेंद्र तेश्वर ने कहा कि मनसा देवी मंदिर में भगदड़ में आठ श्रद्धालुओं की मौत और दर्जनों के घायल होने की घटना बेहद हृदय विदारक है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए सरकार को मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर का अधिग्रहण कर श्राईन बोर्ड के अधीन कर व्यवस्थित तरीके से संचालन करना चाहिए। सहसंयोजक राजेंद्र श्रमिक ने कहा कि सरकार की और से घोषित की गयी मुआवजा राशि में बढ़ोतरी कर पीड़ितों को अधिक सहायता दी जानी चाहिए।जिससे जिन लोगों के परिजनों की इस हादसे में मौत हुई उन्हें कुछ राहत मिल सके और घायलों का बेहतर उपचार हो सके। राजेंद्र श्रमिक ने कहा कि मंदिरों में लगातार हो रहे हादसों पर रोक लगाने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए।...